
पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी ने त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की कि अपील
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, । जिलाधिकारी बृजेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, रामलीला एवं दीपावली आदि त्योहारों के दृष्टिगत पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में त्योहारों की एक लंबी श्रृंखला शुरू होने जा रही है। दुर्गा पूजा एवं दशहरा के बाद दीपावली सहित लगभग एक से डेढ़ माह तक विभिन्न पर्व एवं धार्मिक आयोजन होंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में सदैव सभी त्योहार शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाए जाते रहे हैं और इस बार भी सभी लोग आपसी मेलजोल एवं सद्भाव के साथ त्योहार मनाएं।
जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं, पीस कमेटी के सदस्यों तथा विभिन्न आयोजन समितियों के पदाधिकारियों से प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें। किसी भी घटना या समस्या की जानकारी होने पर पहले संबंधित थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी को अवगत कराएं। आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भी तत्काल सूचना दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन किसी भी सूचना को सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित न किया जाए।
*नई परंपरा शुरू न करने के निर्देश*
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान कोई नई परंपरा अथवा नई गतिविधि प्रारंभ न की जाए। त्योहार जिस प्रकार से परंपरागत रूप से मनाए जाते रहे हैं, उसी के अनुरूप आयोजन किए जाएं। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न होने दें और यदि ऐसी कोई स्थिति सामने आती है तो संबंधित लोगों से संवाद स्थापित कर उसका समाधान सुनिश्चित करें।
*रामलीला आयोजनों में यातायात एवं सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान*
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अनेक स्थानों पर रामलीलाओं का आयोजन होने जा रहा है। रामलीला कार्यक्रम सामान्यतः रात्रि में आयोजित होते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि मुख्य मार्गों पर रामलीला अथवा दर्शकों की भीड़ एकत्रित न हो। रामलीला स्थल सड़क से पर्याप्त दूरी पर हो तथा दर्शकों के आवागमन की उचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, जिससे यातायात बाधित न हो और किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। उन्होंने सभी रामलीला समितियों से अपील की कि आयोजन स्थल, प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा दर्शकों के बैठने की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
*विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश*
विसर्जन के संबंध में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदियों में सीधे विसर्जन न किया जाए। इसके लिए पूर्व से सुरक्षित एवं चिन्हित स्थानों पर अस्थायी तालाब आदि की व्यवस्था कराकर वहीं विसर्जन कराया जाए। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान विशेष रूप से बच्चों को गहरे पानी, नदी, तालाब एवं गड्ढों के आसपास जाने से रोका जाए। विसर्जन में जिम्मेदार एवं वयस्क लोगों को ही शामिल किया जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर पर्याप्त निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
*पंडालों में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर*
बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा दुर्गा पूजा पंडालों एवं अन्य आयोजनों में अग्नि सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने पंडाल निर्माण में आवश्यक सावधानियां, प्रवेश एवं निकास द्वार, आपातकालीन रास्ते, विद्युत व्यवस्था, सजावट तथा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए।
जिलाधिकारी ने सभी दुर्गा पूजा समितियों से अग्निशमन विभाग द्वारा बताए गए सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा। उन्होंने विद्युत विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को भी पंडालों में की जाने वाली विद्युत व्यवस्था, बड़ी लाइटिंग, विद्युत तारों एवं अस्थायी कनेक्शनों की जांच करने के निर्देश दिए, ताकि शॉर्ट सर्किट अथवा विद्युत दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पंडालों में सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा आने-जाने के रास्ते और गेट पर्याप्त एवं सुरक्षित रखे जाएं।
*धार्मिक जुलूस एवं निर्धारित मार्ग का करें पालन*
जिलाधिकारी ने धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों के संबंध में कहा कि संबंधित समितियां पूर्व निर्धारित मार्ग एवं निर्धारित समय का ही पालन करें। यदि एक ही समय अथवा मार्ग पर एक से अधिक आयोजनों की संभावना हो तो संबंधित समितियां आपस में समन्वय स्थापित करें तथा प्रशासन एवं पुलिस के सहयोग से व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा या टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में पूर्व में किसी प्रकार की विवाद की स्थिति रही है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए तथा छोटी से छोटी बात को भी समय रहते संवाद के माध्यम से हल किया जाए।
*अग्निशमन एवं पटाखा भंडारण को लेकर विशेष सावधानी के निर्देश*
बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा आगामी त्योहारों के दृष्टिगत अग्नि सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आवश्यक उपाय एवं सुझाव दिए गए। उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों, रामलीला स्थलों एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, पर्याप्त प्रवेश एवं निकास मार्ग, विद्युत तारों की सुरक्षित व्यवस्था तथा आपात स्थिति में बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने पटाखों के भंडारण एवं बिक्री के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटाखों का भंडारण एवं बिक्री निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुमति/लाइसेंस के अनुरूप ही किया जाए। पटाखों की दुकानें ऐसे स्थानों पर लगाई जाएं, जहां पर्याप्त खुला स्थान हो तथा आसपास आग लगने की स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान की संभावना न्यूनतम रहे। दुकानों के बीच उचित दूरी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तथा विद्युत सुरक्षा के मानकों का विशेष रूप से पालन किया जाए। उन्होंने अवैध रूप से पटाखों के भंडारण अथवा बिना अनुमति बिक्री किए जाने की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई किए जाने के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पटाखों के अवैध भंडारण एवं बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय-समय पर जांच एवं निरीक्षण किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पटाखों के भंडारण एवं बिक्री के स्थानों का पूर्व से निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से आगजनी की घटना न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही आमजन से भी अपील की गई कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें तथा निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर ही उनका प्रयोग करें।
जिलाधिकारी ने सभी आयोजन समितियों एवं संबंधित अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आयोजन में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी न की जाए। बैठक में बताया गया कि एरवा कटरा क्षेत्र में ही लगभग 15 रामलीलाओं का आयोजन होता है, ऐसे में वहां विशेष रूप से आयोजन स्थलों, यातायात, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व से परीक्षण किए जाने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस की ओर से त्योहारों को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में आमजन, धर्मगुरुओं, पीस कमेटी के सदस्यों एवं आयोजन समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर त्योहार मनाने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने भी सभी पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में लगातार भ्रमण एवं निगरानी रखी जाए तथा किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीस कमेटी के सदस्यों से भी पुलिस-प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अविनाश चंद्र मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी अजीतमल विनोद कुमार मीणा,उप जिलाधिकारी सदर बृहमानंद, उप जिलाधिकारी बिधूना कमल कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमर सिंह,जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत, अधिशासी अभियंता विद्युत, समस्त थानाध्यक्ष सहित विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरु एवं प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।
