
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश।
महादलित बस्तियों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण पर जोर, जीविका के माध्यम से पात्र परिवारों को ₹10,000 की सहायता देने की पहल
जिला जल एवं स्वच्छता समिति, सीतामढ़ी की बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण स्वच्छता योजनाओं के क्रियान्वयन, बायोगैस संयंत्र के संचालन, स्वच्छता कर्मियों के लंबित पारिश्रमिक भुगतान, महादलित बस्तियों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय निर्माण और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के उत्पादों के उपयोग की समीक्षा की गई।
1. बायोगैस संयंत्र के संचालन पर चर्चा
डुमरा प्रखंड की मैथौरा पंचायत में स्थापित बायोगैस संयंत्र के संचालन और रखरखाव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जीविका की टीम ने सुझाव दिया कि प्रारंभिक अवधि में संयंत्र का संचालन संबंधित एजेंसी के माध्यम से कराया जाए। इसके बाद इसके सुचारु संचालन की जिम्मेदारी जीविका के संपोषित ग्राम संगठन को सौंपने की कार्रवाई की जाए, ताकि संयंत्र का दीर्घकालिक और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।
2. स्वच्छता कर्मियों के लंबित पारिश्रमिक भुगतान की समीक्षा
बैठक में स्वच्छता पर्यवेक्षकों और स्वच्छता कर्मियों के पारिश्रमिक भुगतान को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि 12 माह तक का भुगतान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पंचायत में उपलब्ध निधि से नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।
दिसंबर 2024 से पहले जिन पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 12 माह का भुगतान किया जा चुका है, वहां पारिश्रमिक की राशि लंबित होने पर पंचायत निधि से भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
3. महादलित बस्तियों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण का लक्ष्य
महादलित बस्तियों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) निर्माण की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता जताई गई। आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों को जीविका के स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर ₹10,000 की सहायता उपलब्ध कराने के माध्यम से शौचालय निर्माण को प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई।
इस पहल का उद्देश्य महादलित बस्तियों के सभी पात्र परिवारों को व्यक्तिगत घरेलू शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।
4. प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के उत्पादों को बढ़ावा
बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक से तैयार बेंचों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इन बेंचों का उपयोग पंचायत स्तर पर करने के साथ-साथ प्रखंड स्तर के सरकारी कार्यालयों में भी उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी।
इससे प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके उपयोग को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों को उत्पादों की लागत राशि का भुगतान सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वच्छता योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीआरओ, निदेशक एन इ पी, डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


