
स्कूल की व्यवस्थाओं पर पूर्व छात्र ने उठाए सवाल, DIOS और DM से जांच की मांग
DIOS और DM को सौंपा प्रार्थना-पत्र, पेयजल से लेकर शौचालय व खेल सुविधाओं की जांच की मांग
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा। संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, इटावा की मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर विद्यालय के पूर्व छात्र अविरल प्रताप सिंह परमार ने गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वर्ष 2025 में विद्यालय से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर चुके अविरल का कहना है कि अध्ययन के दौरान उन्होंने विद्यालय की सुविधाओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई चिंताजनक स्थितियां देखीं।
पूर्व छात्र के मुताबिक उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), इटावा को प्रार्थना-पत्र देकर विद्यालय की स्थिति की जांच कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), इटावा से उन्हें फोन कर प्रधानाचार्य को भी प्रार्थना-पत्र देने के लिए कहा गया। उन्हें बताया गया कि आगे दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की जाएगी और संबंधित साक्ष्य अथवा गवाह प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
इसी क्रम में अविरल ने जिलाधिकारी, इटावा को भी प्रार्थना-पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पेयजल की गुणवत्ता जांच पर विशेष जोर
पूर्व छात्र की प्रमुख मांग विद्यालय के पेयजल की गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान निरीक्षण दल की मौजूदगी में विद्यालय के पेयजल का TDS परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य जल गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएं। इसके अलावा शौचालयों, स्वच्छता, खेल सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था की भी मौके पर वास्तविक स्थिति जांचने की मांग की गई है।
अविरल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को बदनाम करना या व्यक्तिगत विवाद खड़ा करना नहीं है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय की व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप हैं तो निष्पक्ष जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि कहीं कमी मिलती है तो विद्यार्थियों के हित में उसमें सुधार किया जाना चाहिए।
“मुद्दा व्यक्तिगत नहीं, विद्यार्थियों की सुविधाओं का है”
पूर्व छात्र का कहना है कि उनके पास अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना-पत्रों का रिकॉर्ड सुरक्षित है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराकर विद्यार्थियों के हित में आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि एक पूर्व छात्र के तौर पर उनका उद्देश्य विद्यालय में पढ़ने वाले वर्तमान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पेयजल और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्कूल की व्यवस्थाओं पर पूर्व छात्र ने उठाए सवाल, आज DM को भी सौंपा प्रार्थना-पत्र
पेयजल, शौचालय, खेल सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच की मांग

अब देखना यह है कि संबंधित विभागीय जांच में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गए सवालों की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।


