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फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी की ओर बड़ा कदम: जिलेभर में रात्रि रक्त पट्ट संग्रह अभियान शुरू

फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी की ओर बड़ा कदम: जिलेभर में रात्रि रक्त पट्ट संग्रह अभियान शुरू

 

सभी 17 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र में उत्सव के माहौल में शुभारंभ, रात 10 बजे के बाद लिए जा रहे रक्त नमूने

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान सीतामढ़ी बिहार 

सीतामढ़ी, । फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में फाइलेरिया की एंडेमिसिटी की स्थिति का आकलन एवं संक्रमण की पहचान के उद्देश्य से 23 अक्टूबर 2026 से “रात्रि रक्त पट्ट संग्रह कार्यक्रम” की शुरुआत की गई है। अभियान जिले के सभी 17 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है।

 

अभियान के तहत प्रत्येक प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र से तीन-तीन गांव/क्षेत्र का चयन किया गया है तथा प्रत्येक चयनित गांव/क्षेत्र से 300-300 लोगों के रक्त नमूने जांच हेतु संग्रहित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

फाइलेरिया की जांच के लिए रक्त संग्रह रात्रि 10 बजे के बाद किया जा रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान से पूर्व एवं अभियान के दौरान लगातार सामुदायिक जागरूकता और मोबिलाइजेशन की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। लोगों को निर्धारित समय पर जांच स्थल तक लाने तथा फाइलेरिया जांच के महत्व के प्रति जागरूक करने में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

 

कार्यक्रम को केवल जांच गतिविधि तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में रात्रि रक्त पट्ट संग्रह की शुरुआत उत्सव जैसे माहौल में की गई, जिससे समुदाय में कार्यक्रम के प्रति सकारात्मक वातावरण बने और अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से जांच के लिए आगे आएं।

 

जिले में अभियान के शुभारंभ एवं सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों में सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव, क्षेत्रीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य), तिरहुत प्रमंडल, डीपीएम विजय चंद्र झा, डुमरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए। पीरामल फाउंडेशन से प्रभाकर कुमार एवं रोहित कुमार ने भी स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए समुदाय को जागरूक करने एवं अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने में सहयोग किया। विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों को रक्त जांच के लिए प्रेरित किया।

 

सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव ने कहा, “फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता से जुड़ा जन-अभियान है। रात्रि रक्त पट्ट संग्रह के माध्यम से संक्रमण की स्थिति की पहचान कर आगे की रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। चयनित क्षेत्रों के लोगों से अपील है कि वे निर्धारित समय पर जांच कराएं और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।”

 

उन्होंने अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण रक्त पट्ट संग्रह सुनिश्चित करने तथा समुदाय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया।

 

अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर एवं समुदाय स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। देर रात होने वाली जांच के बावजूद अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक नेतृत्व और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है।

 

पीरामल फाउंडेशन द्वारा भी स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए सामुदायिक जागरूकता, मोबिलाइजेशन एवं कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि चयनित गांवों एवं क्षेत्रों में रात्रि रक्त पट्ट संग्रह के दौरान स्वास्थ्य टीमों को पूरा सहयोग दें। समुदाय की सक्रिय भागीदारी और स्वास्थ्य विभाग के सामूहिक प्रयास से “फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है।

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