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‘भाजपा नेताओं को राहुल गांधी फोबिया’, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

‘भाजपा नेताओं को राहुल गांधी फोबिया’, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में दिए गए भाषण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को भाजपा नेतृत्व ‘अनुत्पादक और असफल’ मानता है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना महत्वपूर्ण समय राहुल गांधी की आलोचना में क्यों खर्च करते हैं?

 

तिवारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच पर प्रधानमंत्री से देश की प्रगति, उपलब्धियों, आर्थिक स्थिति, रोजगार, महंगाई और देश के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों सहित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर बात करने की अपेक्षा रहती है। उनके अनुसार, ऐसे मंच पर विपक्ष के नेता की आलोचना के बजाय सरकार की उपलब्धियों और कार्यों को सामने रखना अधिक उचित होता।

 

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के भाषण में राहुल गांधी पर केंद्रित टिप्पणियां यह सवाल खड़ा करती हैं कि यदि विपक्ष के नेता इतने ही ‘असफल और अनुत्पादक’ हैं, तो प्रधानमंत्री को उनकी आलोचना पर इतना समय देने की आवश्यकता क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसे मंचों पर अपनी सरकार के कार्यों और उपलब्धियों को देश-दुनिया के सामने रखना चाहिए।

 

गोपालदादा तिवारी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2019 की तुलना में कांग्रेस की लोकसभा सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जबकि भाजपा 240 सीटों पर रही। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद केंद्र में भाजपा को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन की आवश्यकता पड़ी।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व चुनावी जनादेश के इन पहलुओं को सुविधानुसार नजरअंदाज करता है। साथ ही उन्होंने ईडी, सीबीआई और निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया।

 

तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष पर लगातार टिप्पणी करने के बजाय देश की प्रमुख समस्याओं और सरकार की नीतियों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की विपक्ष संबंधी टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस की ओर से यह सवाल उठाया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती।

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