
पुणे ग्रोथ हब के विकास आराखड़े की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने की समीक्षा
नवंबर के अंत तक केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा विस्तृत विकास आराखड़ा; पहले चरण में 5 हजार करोड़ रुपये की मांग
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । पुणे महानगर क्षेत्र का समग्र विकास कर पुणे को विश्वस्तरीय आर्थिक केंद्र बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘पुणे ग्रोथ हब’ उपक्रम के विकास आराखड़े की उपमुख्यमंत्री एवं पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने आज जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा की।
बैठक में पूर्व मुख्य सचिव एवं छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. नितिन करी, विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले, महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त विजय सूर्यवंशी, पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के आयुक्त अभिजीत चौधरी, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील उपस्थित रहे।
नीति आयोग की पहल पर देश के मुंबई, सूरत, वाराणसी और विशाखापट्टनम शहरों में ग्रोथ हब उपक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें पुणे को भी शामिल किया गया है। इसके लिए पिछले वर्ष अगस्त में महाराष्ट्र सरकार, नीति आयोग और पुणे इंटरनेशनल सेंटर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया था। उपक्रम के नियोजन के लिए गठित समन्वय समिति की बैठक भी आज आयोजित की गई।
पुणे महानगर क्षेत्र में औद्योगिक, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, शिक्षा, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि और अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास आराखड़ा तैयार किया जा रहा है। संबंधित विभागों के सुझावों एवं प्रस्तावों पर विचार कर विकास की दिशा तय की जा रही है।
नवंबर के अंत तक पुणे ग्रोथ हब का विस्तृत विकास आराखड़ा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली शिखर समिति के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार से 5 हजार करोड़ रुपये की निधि की मांग की जाएगी।
वर्ष 2036 तक अगले दस वर्षों के दौरान इस उपक्रम के माध्यम से बड़े पैमाने पर आर्थिक निवेश की उम्मीद है। इस निवेश के माध्यम से पुणे महानगर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, उद्योगों और विभिन्न क्षेत्रों का विकास कर पुणे को विश्वस्तरीय आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है।



