इटावा

मद्यपान एक सामाजिक समस्या शराब की दावत-मौत की दावत

शिवराज सिंह राजपूत प्रतिनिधि जसवंतनगर

इटावा यूपी: महात्मा गांधी जी ने कहा था कि नशीली चीजें और शराब दोनों शैतान की दो भुजायें हैं जिनसे वह अपने चंगुल में फंसे असहाय लोगों पर आक्रमण करके उन्हें जड तथा मदोन्मत बना देता है यह सच है कि किसी भी व्यक्ति को नषे की गिरफ्त में आने के लिए उसका नषे की ओर मानसिक खिचाव एवं मजबूराना व्यवहार प्रारम्भिक रूप से जिम्मेदार नशा करने की बीमारी केवल नशा करने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर जीवन के हर स्तर पर होता है जैसे शारीरिक मानसिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक इत्यादि भारत जैसे देश में नशा कुछ लोग अपनी शान शौकत थकान दूर करने के लिए चिंता दूर करने के लिए और कुछ लोग दोस्ती की आड़ में करते हैं आज मध्य पान गंभीर समस्याओं में से एक है यह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लोगों को आज समय ही काल का ग्रास बना है और परिवार को तबाह कर रहा है मद्यपान परिवारों के विघटन का एक प्रमुख कारण है इससे सामाजिक ढांचे को भी खतरा पैदा हो गया है मद्यपान से धन का अपव्यय और स्वास्थ्य की हानि तो स्पष्ट था होती ही है साथ ही सामाजिक विघटन भी इसी का परिणाम है विभिन्न बुराइयां जैसे घरेलू हिंसा तलाक एवं बेरोजगारी जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं नशे से अभिशक्त इस समाज को इस अभिशापित सामाजिक बुराई से मुक्ति दिलाने के लिए सारा विष्व संकल्पित है यह एक वैश्विक समस्या है अतः अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इसके स्थाई समाधान के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं पर जनता से कार्य हो रहा है विष्व स्वास्थ्य संगठन ने तो दुनिया में तेजी से बढ़ रही नशा वृद्धि पर अपनी व्यक्त करते हुए संपूर्ण विष्व से इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की है क्योंकि इससे हमारी वर्तमान के साथ साथ आने वाली पीढ़ी भी प्रभावित होने वाली है।
उक्त अपील जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी उपदेश कुमार ने की है

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