
गन्ना कटाई मशीन मालिकों का धरना शुरू
मांग पूरी न होने पर १३०० मशीनों के साथ शक्कर संकुल और मंत्रालय को घेरने की चेतावनी
पुणे: , गन्ना कटाई मशीनों की कटाई दर में ५० प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए, जिन मामलों में बैंक की किस्ते है, उनमें ३ साल की वृद्धि दी जानी चाहिए, और छूट १.५ प्रतिशत होनी चाहिए. ऐसी कई महत्वपूर्ण मांगों को पूरा करने के लिए सोमवार की सुबह ११ बजे से शिवाजीनगर स्थित शक्कर संकुल कार्यालय के सामने महाराष्ट्र राज्य गन्ना कटाई मशीन मालिक संघ ने धरना दिया. उन्होंने यह चेतावनी दी कि यदि यह मांग पूरी नहीं की गई तो पूरे महाराष्ट्र से १३०० मशीन मालिक अपनी मशीनें लेकर शक्कर संकुल एवं मुबई स्थित मंत्रालय को घेराव करेंगे.
‘दरवाढ आमच्या हक्काची, नाही कोणाच्या बापाची’ जैसे नारे लगाकर पूरे चीनी परिसर का हिला देनेवाले महाराष्ट्र राज्य गन्न कटाई मशीन मालिक संघ के सैकड़ों सदस्य आज विरोध प्रदर्शन कर रहे है. इस विरोध प्रदर्शन से पहले पिछले बुधवार को चीनी आयुक्त सिद्धराम सालीमठ को ज्ञापन सौंपा गया. मार्च तक मांगे पूरी नहीं होने पर १० अप्रैल से शक्कर आयुक्त को घेराव किया जाएगा. इन सबके बावजूद मांग पूरी न होने पर राज्यभर के मशीन मालिकों ने अपनी मशीनों के साथ मुंबई स्थित मंत्रालय को घेराव करने की चेतावनी दी है. अगर ऐसा हुआ तो हर चीज के लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष संजय सालुंके ने कहा कि हमने सब्सिडी के संबंध में मांग शुरू करने के लिए पूर्व शक्कर आयुक्त शेखर गायकवाड को ज्ञापन सौंपा था. यह समय हम पर सिर्फ इसलिए आया है क्योंकि उन्होंने वादे किए थे.
संगठन के सचिव अमोल राजे जाधव ने कहा, हम पिछले पांच वर्षों से अपनी मांगों के लिए लड रहे है. लेकिन सरकार केवल वादे ही कर रही है. अगर इस बार हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो हम विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे.
महाराष्ट्र राज्य गन्ना कटाई मशीन मालिक संघ, ने भी गन्ना कटाई मशीने ट्रांसपोर्टरों की संख्या में वृद्धि की मांग की है. कृषि क्षेत्र प्रोत्साहन योजना से कृषि मशीनीकरण में तेजी से वृद्धि हुई है. इसके चलते राज्य में करीब १३०० गन्ना कटाई मशीने चल रही है. जिनमें से कुछ को सब्सिडी भी मिली है. इनमें से लगभग ९०० मशीनों को २०१९ से सब्सिडी नहीं मिली है. इसके लिए उन्होंने समय समय पर आंदोलन भी किया लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला.
डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण एक टन गन्ना कटाई के लिए मशीन को लगभग ३ लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जिसकी लागत २६० से २८० रुपये आती है. मशीन चलाने के लिए ऑपरेटर/इनफिल्डर ड्राइवर का वेतन, प्रति टन परिचालन लागत ८० रुपये आती है. मरम्मत, ग्रीस और स्पेयर पार्टस की लागत १०० रुपये प्रति टन है. यानी एक टन गन्ना काटने में ४६० रुपये का खर्च आता है. यहां फैक्ट्रियां हमें ४५० से ५०० रूपये देती है. हमारी आय कम है और बैंक की किश्ते चुकाना मुश्किल हो गया है.
आयुक्त के जीआर के अनुसार किसानों, गन्ना कटाई करने वालों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा पांच साल के कर में ४.५ प्रतिशत की कटौती की जा रही है, जो कुल मिलाकर १३.५ प्रतिशत है. इसलिए संगठन ने मांग की है कि राज्य के सभी मशीन मालिकों की इस समस्या का जल्द से जल्द से समाधान किया जाए.
महाराष्ट्र राज्य गन्ना कटाई मशीन मालिक संघ के सचिव अमोलराजे वसंतराव जाधव के साथ संजय सालुंके (सातारा), सागर पाटिल (सांगली), गणेश यादव (पुणे), जगन्नाथ सपकाल (लातूर), अजय कोल्हे और धनंजय काले (धाराशिव), जयदीप पाटिल (सांगली) तुषार पवार (सांगली) सहित राज्य के विभिन्न जिलों के मशीन मालिकों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.


