
योगी राज में ये क्या हो रहा है?: विपक्षियों को किसी स्थानीय सपा नेता का समर्थन, आसमान से टपके खजूर पर अटके
इटावा का कानून व्यवस्था का वन रहा है मजाक एसडीएम जसवंतनगर, तहसीलदार,लेखपाल ,डीएम ,पुलिस प्रशासन नस्तक मस्तक क्यों?
रिपोर्ट शिवराज सिंह राजपूत
यूपी/ इटावा : ये उत्तर प्रदेश है, जहां योगी राज है। अपने राज के कानून व्यवस्था के बारे में खुद योगी का दावा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त है और खुशहाली और सभी को न्याय मिल रहा है।
कानून व्यवस्था दांव पर रखने वाले भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही कर ईमानदारी साबित करें मुख्यमंत्री योगी पीड़ित ने कई बार जिलाधिकारी इटावा, उपजिलाधिकारी जसवंतनगर, तहसीलदार जसवंतनगर , लेखपाल जसवंतनगर तहसील सहित पुलिस प्रशासन इटावा आदेश का पालन करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए और तहसील से लेकर जिलाधिकारी अधिकारी तक दरवाजा खटखटाया मगर विपक्षियों की दम पर कानून व्यवस्था को ताक पर रख मजाक वना रखा है ? चाहे यों कहें आखिकार कोर्ट के आदेश की अवेहलना की जा रही है।इसका क्या कारण है?
मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश की अवेहलना की जाय? तो फिर आदेश क्यों पारित एवं जारी क्यों करते..?
लेकिन यहां एक पीड़ित हैं, जिसने आम रास्ता लोगों को आने जाने के वास्ते खुलवाने के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट से मुकदमा लडा .और मुकदमा जीत भी गए बाबू सिंह तोमर ने उपजिलाधिकारी जसवंतनगर के यहां केस फाइल किया था ।जिसका न्यायालय आदेश उपजिला मजिस्ट्रेट जसवंतनगर के धारा 133द०प्र०स०अंतिम आदेश दिनांक: 29-02-2024 का आदेश हुआ था। जिसका अभी तक पालन नहीं किया जा रहा है। पीड़ित प्रशासन के हर दरवाजे पर मत्था टेक रहा है कि उसे न्याय दिलाया जाए, लेकिन किसी के कानून में जूं तक नहीं रेंग रही।
थक हारकर पीड़ित विशाल समाचार पत्र न्यूज चैनल के कार्यालय पहुंचा है,ताकि मिडिया के जरिए अपनी पीड़ा ‘माई -बाप सरकार ‘तक पहुंचा सके।

विशाल समाचार के प्रतिनिधि शिवराज सिंह राजपूत को पीड़ित बाबू सिंह पुत्र सिताराम तोमर ने मिडिया के जरिए अपनी बात को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की कोशिश की है।अब गेंद मुख्यमंत्री के पाले में है और देखना है कि कानून और न्याय व्यवस्था और भ्रष्टाचार के प्रति जीरों टॉलरेंस का उनका दावा केवल बतकही है या जमीन पर भी वे कुछ काम करते हैं। अपने राज के प्रति जनता का भरोसा कायम रखने के लिए जरूरी है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों और इन्हें पनाह देने वाले उच्चाधिकारियों के घरों पर बुलडोजर चले,ताकि न्याय के प्रति आम जनता का भरोसा फिर से जगे।
उपजिलाधिकारी जसवंतनगर के वारे जरूर पढ़ें.
कार्यालय उप जिलाधिकारी, जसवन्तनगर पत्र संख्या 02/एस०टी०-2025 दिनांक: 15 जनवरी 2025 को कब्जा पैमाईश टीम गठित आदेश
श्री बाब सिंह तोमर पुत्र सीताराम निवासी ग्राम कुडाखर मौजा धरवार थाना व तहसील जसवन्तनगर जिला इटावा के प्रार्थना पत्र के क्रम में प्रभारी निरीक्षक थाना जसवंतनगर की आख्या दिनांक 26.12.2024 का सन्दर्भ ग्रहण करें। जिसके द्वारा अधोहराक्षरी के न्यायालय के वाद संख्या टी 202103220301860 में पारित आदेश दिनांक 29.022324 के अनुपालन के सम्बन्ध में मौके पर राजस्व टीम चाही गयी है। उक्त प्रकरण के निस्तारण हेतु दिनांक 23.01.2025 को मौके की स्थलीय एवं अभिलेखीय जाँच / पैमाइश करने हेतु हेतु तहसीलदार जसवन्तनगर को मजिस्ट्रेट नानित किया जाता है एवं उनके नेतृत्व में निम्नवत राजस्य टीम का गठन किया गया है इस प्रकार
1)श्री इन्द्रपाल सिंह–राजस्व निरीक्षक
2)श्री जयपाल सिंह–लेखपाल
3) श्री माजिद हुसैन–लेखपाल
4)श्री मन्दीप कुमार श्रीवास्तव–लेखपाल
अभी तक आज कल ,आज कल ,आजकल, आजकल, आजकल, आजकल आजकल आजकल आजकल आजकल करके पीड़ित को परेशान कर दिया ।क्या उपजिलाधिकारी की टीम में सौदेबाजी हो गई? क्या समझा जाय?
आसमान से गिरे खजूर पर अटके .
जिला प्रशासन विपक्षियों पर इतना मेहरबान व नस्तक मस्तक क्यों सवाल तो उठता है?
क्या सरकार को बदनाम करने की विपक्षियों द्वारा कोई राजनैतिक रणनीति इटावा में तैयार की गई?
इस प्रकरण पर समय रहते मुख्यमंत्री को संज्ञान लेने की जरूरत है। हमारे दर्पण (आइना)की नजर से बचना नामुमकिन है?



