
मुंगेर में ASI को मारने वाले आरोपी का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली; पुलिस पर तान दी थी राइफल।
विशाल समाचार सीतामढ़ी संवाददाता
जमादार ASI संतोष कुमार सिंह की हत्या मामले में आरोपी गुड्डू यादव पुलिस के एनकाउंटर में बुरी तरह घायल हो गया है। बताया जा रहा है कि गुड्डू ने मुफस्सिल थाना के जवान का राइफल छीन ली थी और पुलिसकर्मियों पर तान दिया।
इसके बाद पुलिस ने भी बचाव में एनकाउंटर कर दिया। इस एनकाउंटर में गुड्डू के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर गया।
हालांकि, पुलिस को गुड्डू से हथियार छीनने में मशक्कत करनी पड़ी। गुड्डू यादव जब पुलिस जवान का राइफल छीना जबाब में पुलिस ने अपने बचाव में गुड्डू पर गोली चलाई। गोली गुड्डू के बाएं पैर में लगी।
सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद पुलिस दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए नंदलालपुर गांव जा रही थी इस दौरान पुलिस गाड़ी पेड़ से टकरा गई।
इस घटना में थाना अध्यक्ष चंदन कुमार, अपर थानाध्यक्ष श्रीराम और दरोगा सैफ अली जख्मी हो गए सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सदर अस्पताल पहुंचे और पुलिस पदाधिकारी का हाल-चाल लिया सभी की हालत खतरे से बाहर है। किसी के कमर में चोट लगी है तो किसी के हाथ में। एसपी ने बताया कि जमादार संतोष की हत्या मामले में नामजद आरोपित रणवीर यादव विकास यादव गुड्डू यादव और छोटू को गिरफ्तार किया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
एसपी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नंदलालपुर का रहने वाला रणबीर यादव शराब पीकर लोगों के बीच जमकर हंगामा कर रहा था। इसकी सूचना जब मिली तब डायल 112 से जमादार संतोष कुमार सिंह दल-बल के साथ वहां पहुंचे।
परिवार के लोगों ने मिलकर धारदार हथियार से उनपर हमला कर दिया। गंभीर स्थिति में शुक्रवार की देर रात उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। जहां शनिवार की सुबह मौत हो गई। बता दें कि कल इससे पहले अररिया में भी एक एएसआई की भीड़ ने हमला कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया था।
मुंगेर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद जमादार संतोष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर पुलिस लाइन लाया गया।डीआइजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, सदर डीएसपी अभिषेक आनंद सहित सभी पुलिस पदाधिकारी ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए पुष्प चढ़ाएं। इसके बाद वाहन से शव को जमादर के पैतृक गांव कैमूर भेजा गया।



