
पाकिस्तान की करीबी तुर्की ने भारत के ‘ऑपरेशन दोस्त’ के बदले भेजा दुश्मनी का ड्रोन!
नई दिल्ली, :जब फरवरी 2023 में तुर्की में भीषण भूकंप आया था, तब भारत ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘ऑपरेशन दोस्त’ चलाया था। इस मिशन के तहत एनडीआरएफ और सेना की टीमें तुर्की भेजी गई थीं, जिन्होंने मलबे से 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला। लेकिन अब उसी तुर्की ने भारत के साथ विश्वासघात कर पाकिस्तान को खतरनाक सोनगार ड्रोन की आपूर्ति कर दी है।
क्या है सोनगार ड्रोन और क्यों है भारत को चिंता?
यह ड्रोन एक घातक हथियार प्रणाली से लैस है। यह 5.56x45mm की राइफल लेकर उड़ सकता है, जिससे यह आसमान से हमला कर सकता है। इसकी मारक क्षमता 15-20 किमी तक मानी जा रही है और यह एक साथ चार टारगेट पर फायर करने की क्षमता रखता है।
यह ड्रोन 25-30 मिनट तक उड़ सकता है और यह 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसका वजन 25 किलोग्राम है और यह 3,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।
पाकिस्तानी प्लानिंग पर भारत सतर्क
पाकिस्तान इस ड्रोन का इस्तेमाल भारत की सीमाओं पर रियल टाइम इंटेलिजेंस और हथियारों की तस्करी जैसे उद्देश्यों के लिए कर सकता है। खासकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।
तुर्की-पाक संबंधों की गहराई
तुर्की लगातार पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। सोनगार ड्रोन पहले ही अजरबैजान, नाइजीरिया, यूक्रेन और फिलीस्तीन जैसे देशों में भेजे जा चुके हैं। अब पाकिस्तान को यह मिलना भारत के लिए सुरक्षा चुनौती बन गया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के रक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि यह ड्रोन असैनिक और सैन्य ठिकानों के लिए खतरा बन सकता है। भारत अब सीमा पर ड्रोन रोधी प्रणाली और रडार की निगरानी को और अधिक मजबूत कर रहा है।
निष्कर्ष:
भारत ने जहाँ तुर्की की मदद कर एक दोस्ती निभाई, वहीं तुर्की ने पाकिस्तान को हथियारबंद ड्रोन देकर भारत की पीठ में छुरा घोंपने जैसा कदम उठाया है। यह एक रणनीतिक चिंता का विषय है जिस पर भारत को कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है।
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