
मनरेगा घोटाला! धरवार पंचायत में कागज़ों पर हुआ काम, मौके पर सन्नाटा… रोजगार सेवक पर बड़ी कार्रवाई!
जसवंतनगर (विशाल समाचार):
धरवार ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में ज़बरदस्त घालमेल का खुलासा हुआ है। कागज़ों पर दो काम ‘प्रगति पर’ — और ज़मीन पर? न काम, न मज़दूर! इस खुलासे के बाद ग्राम रोजगार सेवक यदुवीर सिंह पर गाज़ गिरी है। उन्हें तत्काल प्रभाव से विकास खंड मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया गया है।
खंड विकास अधिकारी श्वेता गर्ग के आदेश में जो लिखा है, वो सीधे-सीधे मनरेगा धन के गबन की ओर इशारा करता है। स्थलीय सत्यापन में पाया गया कि पंचायत में जिन कार्यों को प्रगति पर बताया गया था, वहां घास भी नहीं हिली थी! और मज़दूर? शायद ‘भूत’ थे, जो बिना दिखे काम कर रहे थे!
अब सवाल ये उठता है: क्या सिर्फ यदुवीर सिंह ही कसूरवार हैं?
ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम प्रधान ने आँखें क्यों मूंदी रखीं?
या फिर सब मिले हुए थे?
प्रशासन ने फिलहाल मामले की खानापूरी करते हुए केवल रोजगार सेवक को तलब किया है, पर विशाल समाचार पूछता है — क्या ये सिर्फ एक बलि का बकरा है? या गुनहगारों की पूरी फौज है जो बचे हुए हैं?
खास बात ये:
कार्य प्रगति पर दिखाए गए, पर मौके पर ज़ीरो काम।
मज़दूरों की हाज़िरी फर्जी!
शासकीय धन के गबन की आशंका।
ग्राम रोजगार सेवक संबद्ध, बाकी बचे साफ-सुथरे?
धरवार पंचायत में आखिर चल क्या रहा है?
क्या मनरेगा सिर्फ अफसरों की जेबें भरने का ज़रिया बन गया है?
विशाल समाचार इस पूरे मामले की परतें उधेड़ने में जुटा है।
सच्चाई सामने लाकर ही दम लेंगे!



