उत्तर प्रदेश

यूपी में खुलने वाले हैं सभी स्कूल! जानिए नया सत्र शुरू कराने को लेकर सीएम योगी का नया आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश

शिवराज सिंह संवाददाता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में जिन छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाना है, उनके इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। कोरोना की स्थिति को देखते को नवीन सत्र को प्रारंभ करने के संबंध में कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने शनिवार को टीम 9 की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में हर दिन ढाई लाख से तीन लाख टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 फीसदी तक आ गई है। अब तक 06 करोड़ 55 लाख 02 हजार 631 कोविड सैम्पल की जांच की जा चुकी है। अलीगढ़, अमरोहा, एटा, हाथरस, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, मुरादाबाद और श्रावस्ती में अब कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जिले कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। 55 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 20 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 712 है। यह स्थिति बताती है कि प्रदेश में हर नए दिन के साथ कोविड महामारी पर नियंत्रण की स्थिति और बेहतर होती जा रही है।
तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर सभी प्रयास किए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका देखते हुए सभी जरूरी प्रयास यथाशीघ्र पूरी की जाए। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से पीकू व नीकू की स्थापना की कार्यवाही तेज हो। अब तक केवल मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक आईसीयू/आइसोलेशन बेड की संख्या 6572 से अधिक हो गई है। सभी ज़िलों में इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता देकर रोजाना समीक्षा की जानी चाहिए।

किसी एक राज्य का सर्वाधिक टीकाकरण
अब तक उत्तर प्रदेश में 04 करोड़ 76 लाख 22 हजार से अधिक कोविड वैक्सीन लगाए जा चुके हैं। 04 करोड़ लोगों ने कम से कम कोविड की एक खुराक ले ली है। यह किसी एक राज्य द्वारा किया गया सर्वाधिक वैक्सीनेशन है। कोविड वैक्सीनेशन को और तेज करने की आवश्यकता है। सीएम ने कहा कि हेल्पलाइन नम्बर 14567 सेवा को और बेहतर किये जाने की जरूरत है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जोड़ा जाए। कैंसर की समस्या से ग्रस्त अथवा डायलिसिस कराने वाले मरीजों के इलाज में कतई देरी न हो।

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