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जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं दिशा निर्देश जारी 

जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं दिशा निर्देश जारी 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा  जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि मिशन संभव अभियान 6.0 जुलाई से सितम्बर, 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की वृद्धि की समीक्षा की जाएगी, जिससे यह आकलन किया जा सके कि एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रयासों से बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में कितना सुधार हुआ है। अगस्त माह में पोषण एवं छह माह से कम आयु के शिशुओं की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जबकि सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाते हुए ऊपरी आहार प्रोत्साहन एवं पोषण संबंधी गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जाएगा।

बैठक में अवगत कराया गया कि पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चर एवं ई-केवाईसी (एफआरएस) की प्रगति 97.32 प्रतिशत है, जबकि चकरनगर क्षेत्र में 482 तथा बढ़पुरा क्षेत्र में 448 लाभार्थियों का कार्य अवशेष है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों का फेस कैप्चर एवं ई-केवाईसी नहीं होगा, वे योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया कि पोषण ट्रैकर पर गर्भवती महिलाओं का वजन एवं चार पूर्व प्रसव जांच (एएनसी) की प्रगति 80.9 प्रतिशत है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र गर्भवती महिलाओं को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए ताकि उन्हें समय से लाभ प्राप्त हो सके।

बैठक में बताया गया कि पोषण ट्रैकर पर 52,476 लाभार्थियों की आभा आईडी बननी शेष है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि आभा आईडी एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, इसलिए शेष लाभार्थियों की आईडी शीघ्र बनवाई जाए तथा सभी सीडीपीओ नियमित रूप से सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक करें।

उन्होंने 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अपार आईडी निर्माण की प्रगति धीमी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्मिकों को प्रशिक्षण देकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि पोषण ट्रैकर पर मॉनिटरिंग एफिशिएंसी 95.63 प्रतिशत है, जबकि ताखा, महेवा, चकरनगर एवं बसरेहर क्षेत्रों में गृह भ्रमण प्रगति में सुधार की आवश्यकता है। जिलाधिकारी महोदय ने इन क्षेत्रों में विशेष प्रयास कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

कुपोषित बच्चों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून माह में सैम एवं मैम बच्चों की संख्या 314 है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सैम बच्चों को मैम तथा मैम बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने हेतु निरंतर प्रयास किए जाएं तथा कुपोषण उन्मूलन को प्राथमिकता दी जाए।

एनआरसी में सैम बच्चों की कुल संख्या 21 होने पर जिलाधिकारी महोदय ने अभिभावकों को जागरूक कर अधिक से अधिक सैम बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें बेहतर पोषण एवं चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बताया कि जून माह में ताखा क्षेत्र से कोई भी बच्चा एनआरसी में भर्ती नहीं हुआ, जिस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र भरवाकर उन्हें योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने शीघ्र कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।

मिशन पंजीकरण अभियान के अंतर्गत जन्म प्रमाण पत्र निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

आरबीएसके टीम द्वारा संचालित स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि टीमों के भ्रमण के समय बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि एएनएम एवं फील्ड वर्करों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का समय से टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा यू-विन पोर्टल पर सभी टीकाकरण का सही विवरण अंकित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीकाकरण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, समस्त सीडीपीओ, समस्त एमओआईसी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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