
आरपीआई निकालेगी “भारत जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” रैली – केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की घोषणा
पुणे: डीएस तोमर संवाददाता
भारतीय सेना द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता का जश्न मनाने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रव्यापी संदेश देने के उद्देश्य से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) की ओर से “भारत जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” रैली निकाली जाएगी। यह घोषणा पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने एक पत्रकार वार्ता में की।
इस मौके पर पार्टी के राज्य सचिव बाळासाहेब जानराव, प्रदेश संगठन सचिव परशुराम वाडेकर, शहराध्यक्ष संजय सोनवणे समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आठवले ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से देशभर में तिरंगा रैली निकाली जा रही है। कांग्रेस भी इसी प्रकार की रैली निकालने की तैयारी में है। ऐसे में आरपीआई भी देश के प्रमुख शहरों और राज्य के सभी जिलों में “भारत जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” रैली आयोजित करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हो, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है। जब तक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में वापस नहीं आता और पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद खत्म नहीं होता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। यह आरपीआई की स्पष्ट भूमिका है।
स्थानीय निकाय चुनाव महायुति के रूप में लड़ें – आठवले
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों की प्रक्रिया तेज हो गई है। आठवले ने कहा कि ये चुनाव भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और आरपीआई मिलकर महायुति के रूप में लड़ें। उन्होंने मांग की कि पुणे महापालिका चुनाव में पार्टी को कम से कम 15 प्रभागों में उम्मीदवार खड़ा करने का मौका मिले, साथ ही उपमहापौर पद पूरे पांच वर्षों के लिए आरपीआई को दिया जाए। यदि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलता है तो महापौर पद भी मिले।
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री मुरलीधर मोहोळ से चर्चा हुई है और सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है। इसके अलावा विभिन्न महामंडलों और जिला नियोजन मंडलों में भी आरपीआई को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
“नरक में जाना है या स्वर्ग में – पहले तय करें” – संजय राऊत पर तंज
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राऊत पर कटाक्ष करते हुए आठवले ने कहा कि उन्हें तय करना चाहिए कि उन्हें नरक में जाना है या स्वर्ग में, क्योंकि दोनों जगह एक साथ नहीं जाया जा सकता। राऊत द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगना हास्यास्पद है। अगर उन्हें पराजय का भरोसा है तो 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करें।
“मंत्रीपद नहीं, समाज की प्रगति जरूरी” – आठवले
प्रकाश आंबेडकर के साथ गठबंधन की संभावना पर पूछे गए सवाल पर आठवले ने कहा कि यदि आंबेडकरी विचारधारा के सभी गुट एकजुट होते हैं तो उन्हें खुशी होगी। मंत्रीपद से ज्यादा समाज की प्रगति उनके लिए महत्वपूर्ण है। यदि सभी गुट साथ आते हैं तो वे राष्ट्रीय नेतृत्व प्रकाश आंबेडकर को सौंपने के लिए तैयार हैं।
भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ के विकास के बारे में आठवले ने कहा कि इसके लिए 100 से 150 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाए और जिलाधिकारी एवं सामाजिक न्याय विभाग द्वारा विकास योजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए। वे केंद्र से फंड दिलाने में मदद करेंगे।
पत्रकार वार्ता के बाद आठवले ने वरिष्ठ समाजसेवी बाबा आढाव से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।


