कोरु पैक प्रिंट इंडिया एक्सपो 2026 की घोषणा — ICPMA और फ्यूचरएक्स ग्रुप द्वारा मुंबई में इस ऐतिहासिक उद्योग प्रदर्शन का आयोजन |
पुणे की मशीनरी निर्माण कंपनियों के लिए एक बड़ा मंच
पुणे: इंडियन पेपर कोरुगेटेड एंड पैकेजिंग मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ICPMA) ने फ्यूचरेक्स ग्रुप के साथ मिलकर कोरु पैक प्रिंट इंडिया एक्सपो के दूसरे संस्करण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह भव्य आयोजन 19 से 22 मार्च 2026 के बीच मुंबई के बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर के हॉल नंबर 6 में आयोजित किया जाएगा।
कोरुगेटेड पैकेजिंग मशीनरी को समर्पित यह द्विवार्षिक आयोजन देश के पैकेजिंग उद्योग के लिए एक निर्णायक क्षण साबित होने वाला है। वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित पहले संस्करण को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद, 2026 का संस्करण भी उन्हीं प्रमुख तत्वों के साथ वापस आ रहा है — जैसे कि अत्याधुनिक मशीनों का लाइव प्रदर्शन, ज्ञानवर्धक सत्र और भारतीय व वैश्विक दिग्गज ब्रांड्स के साथ नेटवर्किंग का सुनहरा अवसर।
इस बार प्रदर्शनी को और भी व्यापक बनाने के लिए दो नए विशेष सेक्शन जोड़े गए हैं — पेपरटेक्स, जो कागज़ आधारित नवीनतम तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल समाधानों को प्रदर्शित करेगा, और बॉयलरटेक्स, जो आधुनिक कोरुगेशन प्लांट्स में इस्तेमाल होने वाली ऊर्जा-कुशल बॉयलर तकनीकों पर केंद्रित रहेगा।
इस आयोजन में पुणे की मशीनरी निर्माण कंपनियों की भी अहम भूमिका रहने वाली है। महाराष्ट्र की औद्योगिक राजधानी मानी जाने वाली पुणे, कोरुगेटेड और पैकेजिंग मशीनरी निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। पुणे की कंपनियां इस एक्सपो में अपने इनोवेटिव समाधान और लेटेस्ट मशीनों के साथ देश और दुनिया को दिखाएंगी कि भारत इस क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है।
भारत में इस प्रकार का यह एकमात्र आयोजन उद्योग के नेताओं को एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहाँ वे अपनी नवीनतम खोजों को प्रस्तुत करेंगे, लाइव डेमो के माध्यम से तकनीक का प्रदर्शन करेंगे और पैकेजिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए टिकाऊ, किफायती और नवाचारी समाधानों को सामने लाएंगे।
2026 संस्करण में 250 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मशीनरी एवं तकनीकी प्रदर्शक भाग लेंगे और यह आयोजन 15,000 से अधिक व्यापार आगंतुकों को आकर्षित करने की उम्मीद करता है। प्रदर्शनी में कोरुगेशन और पैकेजिंग क्षेत्र से जुड़ी हर प्रमुख तकनीक को कवर किया जाएगा — बॉक्स निर्माण मशीनें, प्रिंटिंग और लेमिनेशन समाधान, कार्टन व रिगिड बॉक्स निर्माण तकनीक, परीक्षण उपकरण, स्याही, गोंद, क्राफ्ट पेपर और अन्य कई सामग्री।
भारत का पैकेजिंग उद्योग, जिसकी अनुमानित वैल्यू वित्त वर्ष 2020 में 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी, 18 से 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ वर्ष 2026 तक लगभग 250 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की ओर अग्रसर है। इस विकास की बड़ी भूमिका कोरुगेटेड और पेपर पैकेजिंग क्षेत्र निभा रहा है, जिसमें पुणे जैसे औद्योगिक शहरों का विशेष योगदान रहा है।
ICPMA के अध्यक्ष श्री निकेत डी. शाह, और प्रदर्शनी समिति के सदस्य — श्री हितेश नागपाल, श्री रौनक सिंह भुर्जी और श्री मनीष सुरेश शाह — तथा फ्यूचरेक्स ग्रुप के निदेशक श्री नमित गुप्ता, प्रबंध निदेशक स्वामी प्रेम अन्वेषी जी और निदेशक श्रीमती निधि गुप्ता के नेतृत्व में यह आयोजन भारत के कोरुगेटेड पैकेजिंग मशीनरी उद्योग के लिए एक समर्पित और प्रभावशाली मंच के रूप में स्थापित हुआ है।
फ्यूचरेक्स ग्रुप के निदेशक श्री नमित गुप्ता ने कहा, “यह नवाचार और व्यावसायिक दृष्टिकोण का सामंजस्य है। हमारा उद्देश्य है कि इस मंच के माध्यम से उद्योग के विशेषज्ञों को एक साथ लाया जाए, ताकि तकनीकी विकास को गति मिल सके और कोरुगेटेड पैकेजिंग मशीनरी इंडस्ट्री नई ऊँचाइयों तक पहुँच सके।”
फेडरेशन ऑफ कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स (FCBM) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग जैसे अग्रणी उद्योग निकायों का सहयोग इस आयोजन को और सशक्त बनाएगा। यह एक्सपो ज्ञान-साझा करने और भविष्य की रणनीतियों पर उद्योग को एकजुट करने का मंच भी बनेगा।



