
अत्याचार पीड़ितों को तत्परता से सहायता राशि दें – कलेक्टर
सहायता राशि के 34 प्रकरणों को मिली मंजूरी
रीवा विशाल समाचार. कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में एफआईआर दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी तत्काल प्रकरण जनजातीय कार्य विभाग को उपलब्ध कराएं। जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग सहायता राशि के प्रकरण तत्परता से निराकृत कर पीड़ितों को समय पर राहत राशि प्रदान करें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। पीड़ितों के राहत राशि के प्रकरणों में मानवीयता और संवेदनशीलता से कार्यवाही करें।
कलेक्टर ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सलाहकार समिति की प्रत्येक त्रैमास में बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराएं। राहत राशि के प्रकरण हर सप्ताह प्रस्तुत करें। पीड़ितों को शिक्षा, स्वरोजगार, विवाह सहायता तथा अधिनियम के प्रावधानों के तहत मिलने वाली हर संभव सहायता देने का प्रयास करें। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक लाल ने बताया कि सहायता राशि के एक भी प्रकरण पुलिस थानों में लंबित नहीं हैं। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज होते ही उसे जनजातीय कार्य विभाग को प्रस्तुत किया जाता है। बैठक में अनुसूचित जनजाति के 22 तथा अनुसूचित जाति के 12 पीड़ितों के राहत प्रकरणों को मंजूरी दी गई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर पीके पाण्डेय, जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग कमलेश्वर सिंह उपस्थित रहे।

