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महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. व्यंकट गीते का पदग्रहण समारोह संपन्न

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. व्यंकट गीते का पदग्रहण समारोह संपन्न

 

शोध आधारित पहल और छात्र-केंद्रित शिक्षा को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता– कुलपति डॉ. व्यंकट गीते

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:नासिक महाराष्ट्र

नासिक: महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. व्यंकट गीते का पदग्रहण समारोह विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध आधारित गतिविधियों, पारदर्शी प्रशासन तथा छात्र-केंद्रित शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

 

समारोह में कुलपति डॉ. व्यंकट गीते के साथ प्रबंधन परिषद के सदस्य डॉ. सचिन मुंबरे, डॉ. मिलिंद आवारे, डॉ. यशवंत पाटील, डॉ. अजित फुंदे, डॉ. श्रीचक्रधर मुंघल, कुलसचिव डॉ. राजेंद्र बंगाळ, परीक्षा नियंत्रक डॉ. संदीप कडू, वित्त एवं लेखाधिकारी बोधिकिरण सोनकांबळे, डॉ. देवेंद्र पाटील, डॉ. अनिता गीते सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

 

अपने संबोधन में कुलपति डॉ. व्यंकट गीते ने कहा कि विद्यार्थी ही विश्वविद्यालय का केंद्रबिंदु है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को उचित अवसर प्रदान करने तथा तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। समाजोपयोगी शोध को प्रोत्साहित करने हेतु शोधार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की जाएंगी।

 

उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के संवाद कौशल को विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में स्थान दिलाने के उद्देश्य से शोध, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा ‘नैक’ (NAAC) की तर्ज पर गुणवत्ता सुधार के प्रयास किए जाएंगे।

 

डॉ. गीते ने बताया कि विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी अपनी समस्याएं आसानी से प्रस्तुत कर सकेंगे। वीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायतों का निवारण किया जाएगा तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही कॉम्पिटेंसी बेस्ड मेडिकल एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। आईआईटी, इसरो तथा स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ सहयोग कर चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विश्वविद्यालय को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

नासिक में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के सहयोग से स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, आपदा प्रबंधन कार्यशालाएं तथा मोटरसाइकिल एम्बुलेंस सेवा जैसे समाजोपयोगी कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ई-क्लासरूम की शुरुआत से हजारों विद्यार्थी एक साथ विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।

 

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ‘टेली-मानस’ योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने वाला संस्थान है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी ईमानदारी, समर्पण तथा योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे तो विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

 

समारोह के दौरान कुलपति डॉ. व्यंकट गीते की माताजी श्रीमती शाहुबाई अर्जुनराव गीते का सम्मान किया गया। उनकी पत्नी डॉ. अनिता गीते तथा भाई भास्कर गीते का भी विश्वविद्यालय की ओर से अभिनंदन किया गया।

 

डॉ. गीते के व्यक्तित्व निर्माण में योगदान देने वाले उनके गुरुजनों एवं शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। इनमें डॉ. पुरुषोत्तम दराख, डॉ. श्रीराम कंडी, डॉ. अनुराधा कंडी, डॉ. जे.एस. कंडी, डॉ. मलीक, डॉ. गौरांग शाह, डॉ. पळनीटकर, डॉ. एन.डी. कुलकर्णी, डॉ. पंकज माहेश्वरी, डॉ. प्रविण कुमार वसाडीकर, डॉ. अरविंद गायकवाड़, डॉ. अजय बोराळकर, डॉ. किरण पाटोळे, डॉ. स्वप्नाली कदम, डॉ. गणेश जाधव, डॉ. सचिन देवरे, डॉ. अनिल सानप एवं डॉ. अशोक थोरात सहित अनेक गुरुजनों का कुलपति के हाथों सम्मान किया गया।

 

कार्यक्रम में चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासन तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि, विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी, मित्र एवं परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील तोरणे ने किया, जबकि कुलसचिव डॉ. राजेंद्र बंगाळ ने नवनियुक्त कुलपति का परिचय प्रस्तुत किया और अंत में डॉ. देवेंद्र पाटील ने आभार व्यक्त किया।

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