
टाटा पावर के “अनोखा धागा स्मार्ट सर्कुलैरिटी प्रोग्राम” ने 5,000 किलो प्लास्टिक कचरे से महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर बनाए
महाराष्ट्र और झारखंड की महिलाओं के लिए प्लास्टिक कचरे से आजीविका के नए रास्ते
टी-शर्ट, टोट बैग्स और हैवर्सैक जैसे उच्च गुणवत्ता वाले, रिसायकल्ड फैब्रिक उत्पाद प्लास्टिक कचरे से बनाए गए
यह पहल विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें” के अनुरूप है
मुंबई,:टाटा पावर के “अनोखा धागा स्मार्ट सर्कुलैरिटी प्रोग्राम” ने 5,000 किलो से अधिक सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे को उच्च गुणवत्ता वाले रिसायकल्ड कपड़ों में बदल दिया है। छह केंद्रों पर महिलाओं के नेतृत्व में चल रही इस पहल का उद्देश्य न केवल प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौती का सामना करना है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी सशक्त बनाना है। इसमें महिला उद्यमियों को 20 लाख रुपये से अधिक का फेयर-ट्रेड आय भी प्राप्त हुआ है।
यह कार्यक्रम टाटा पावर की #SustainableIsAttainable प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इसमें डेनिम डोनेशन भी शामिल है, जिससे पुराने कपड़ों का नया उपयोग और उनका जीवनचक्र बढ़ाया जाता है।
यह पहल टाटा समूह के “आलिंगन” प्रोजेक्ट और टाटा पावर की सर्कुलर इकोनॉमी के उपायों के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है और विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें” के साथ पूरी तरह मेल खाती है। यह पहल यह दिखाती है कि कैसे सतत नवाचार और सामुदायिक सशक्तिकरण मिलकर प्लास्टिक संकट का सामना कर सकते हैं, इकोसिस्टम को पुनर्जीवित कर सकते हैं और स्थायी सामाजिक-पर्यावरणीय प्रभाव पैदा कर सकते हैं। यह #BeatPlasticPollution अभियान को भी मजबूती देती है। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का संदेश है कि दुनिया भर में प्लास्टिक के उपयोग पर पुनर्विचार किया जाए, जो प्लास्टिक के नुकसान के बढ़ते वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित है – यह पहल प्लास्टिक के उपयोग को रोकने, कम करने और पुन: उपयोग करने के आह्वान को हकीकत बनाती है।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत टाटा पावर के ट्रॉम्बे प्लांट, आवासीय कॉलोनियों और मुंबई के टाटा ग्रुप व टाटा पावर के कार्यालयों में प्लास्टिक संग्रहण अभियान से हुई। कर्मचारियों और उनके परिवारों ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे लैंडफिल में जाने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा काफी कम हुई। एक अग्रणी सर्कुलर वेस्ट मैनेजमेंट सोशल एंटरप्राइज ‘रीसर्कल’ और उनके ‘सफाई साथी’ (स्वच्छता कर्मी) के सहयोग से, एकत्रित कचरे को RPET (रिसाइकल्ड पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट) फैब्रिक में बदला गया। “अनोखा धागा” की महिलाओं को रिसाइकल्ड फैब्रिक से टिकाऊ उत्पाद डिजाइन और निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। उनकी कारीगरी से हजारों टी-शर्ट, टोट बैग्स और हैवर्सैक सहित विभिन्न उत्पाद बनाए गए। इस पहल ने बड़े B2B सहयोग के साथ कई संस्थागत ऑर्डर भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
#SustainableIsAttainable प्रमुख अभियान के तहत, टाटा पावर सतत जीवनशैली, समावेशी विकास और जलवायु-सजग नवाचार के लिए प्रयासरत है। हरित ऊर्जा समाधानों को सरल और सुलभ बनाकर, टाटा पावर देश में सतत जीवनशैली की ओर संक्रमण को आसान बना रही है, साथ ही हरित ऊर्जा की उपलब्धता और उसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ा रही है। “अनोखा धागा स्मार्ट सर्कुलैरिटी प्रोग्राम” इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है। टाटा पावर ऐसे दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है, जहां सर्कुलर इनोवेशन और जमीनी स्तर का सशक्तिकरण एक साथ आकर कचरा कम करने, इकोसिस्टम का पुनर्निर्माण करने और एक अधिक लचीले, समावेशी और सतत भविष्य के लिए रास्ता खोलते हैं, जिससे विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम साकार होती है।
टाटा पावर के व्यापक CSR फ्रेमवर्क के तहत, “अनोखा धागा” 9 राज्यों की 30,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाता है, प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ाव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करता है। महाराष्ट्र के मुलशी में एक छोटे माइक्रो-कलेक्टिव के रूप में शुरू हुई यह मुहिम अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गई है, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे घर की सजावट, ऑफिस स्टेशनरी से लेकर पौष्टिक बाजरा कुकीज तक पर्यावरण अनुकूल स्वदेशी उत्पाद बनाने में सक्षम हुई हैं।
टाटा पावर समावेशी, समुदाय-नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से सतत नवाचार में अग्रणी है। कचरे को अवसर में बदलकर, कंपनी न केवल पर्यावरणीय प्रभाव को कम कर रही है, बल्कि हरित आजीविका के लिए एक स्केलेबल, अनुकरणीय मॉडल भी तैयार कर रही है। ऐसे प्रयासों के जरिए, टाटा पावर स्वच्छ, हरे और अधिक न्यायसंगत भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है।


