स्वास्थ्यपूणे

पुणे जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 की होगी व्यापक जांच: ग्राम पंचायत स्तर तक सर्वेक्षण और मूल्यांकन

पुणे जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 की होगी व्यापक जांच: ग्राम पंचायत स्तर तक सर्वेक्षण और मूल्यांकन

 

पुणे | विशाल समाचार

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पुणे जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त Academy of Management Studies नामक त्रयस्थ संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार स्तर एवं सार्वजनिक स्थलों का क्षेत्रीय सर्वेक्षण किया जाएगा। साथ ही जिले एवं तालुका स्तर पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, गोबरधन, और मैला गाद प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

 

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के मुख्य उद्देश्य हैं: राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना; घरों, गांवों, सार्वजनिक स्थलों, प्लांट्स और SGLR संपत्तियों का सर्वेक्षण कर स्वच्छता की प्रगति का मूल्यांकन करना; नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद और मोबाइल ऐप के माध्यम से फीडबैक प्राप्त करना; एकत्र आंकड़ों के आधार पर राज्य और जिलों का क्रमबद्ध मूल्यांकन करना; और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के मानकों पर आधारित जिलों के प्रदर्शन की तुलना करना।

 

सर्वेक्षण के मुख्य घटकों में ODF प्लस मॉडल गांवों का भौतिक सत्यापन, नागरिकों के फीडबैक हेतु मोबाइल ऐप का उपयोग, जियो-फेंसिंग तकनीक द्वारा डेटा संग्रहण, SGLR साइट्स का मूल्यांकन और सतत विकास लक्ष्य (SDG) व JMP संकेतकों के साथ संरेखण शामिल है। IEC योजना के अंतर्गत जनजागरूकता और भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

प्रस्तावित कवरेज में ग्राम पंचायतें, गांव के परिवार, सार्वजनिक स्थल, प्लास्टिक प्रबंधन इकाई, गोबरधन परियोजना, मैला गाद प्रबंधन इकाइयां और स्वच्छ ग्रीन लिफ रेटिंग साइट्स शामिल हैं।

 

सर्वेक्षण का मूल्यांकन त्रयस्थ संस्था द्वारा 1000 अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें चार भाग होंगे: सेवा स्तर प्रगति (240 अंक), गांवों की स्वच्छता स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण (540 अंक), प्लांट्स की कार्यक्षमता का निरीक्षण (120 अंक) और नागरिक फीडबैक (100 अंक)।

 

सेवा स्तर प्रगति में ODF प्लस की डेस्कटॉप आधारित समीक्षा, पोर्टल पर स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और जिला, तालुका तथा ग्राम स्तर पर मानव संसाधन की उपलब्धता को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षित स्वच्छाग्रहियों द्वारा की गई गतिविधियों और प्रशिक्षण की संख्या भी अंकों का आधार बनेगी।

 

गांवों की स्वच्छता की प्रत्यक्ष जांच के अंतर्गत ग्राम स्तर पर 200 अंक, परिवार स्तर पर 240 अंक, सार्वजनिक स्थलों पर 100 अंक और SGLR साइट्स पर अलग से निरीक्षण किया जाएगा। इसमें स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, बाजार स्थल, तीर्थ स्थान आदि की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा।

 

प्रोजेक्ट प्लांट्स की कार्यक्षमता के निरीक्षण में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयों, गोबरधन परियोजनाओं और मैला गाद/सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की कार्यप्रणाली, रखरखाव, उपयोगिता और रिसाइकलिंग से जुड़ी कड़ियों का आंकलन होगा। हर प्लांट श्रेणी को 40-40 अंकों का भार दिया गया है।

 

नागरिक फीडबैक के लिए मोबाइल ऐप और प्रत्यक्ष सर्वेक्षण दोनों माध्यमों से फीडबैक लिया जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए 50 अंक और घर-घर सर्वेक्षण से 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें गांव की ओडीएफ स्थिति, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, बीते पांच वर्षों की स्वच्छता प्रगति और एसबीएम-जी से संतोष के आधार पर नागरिकों की राय दर्ज की जाएगी।

 

स्वच्छ सर्वेक्षण प्रारंभ होने से पूर्व ग्राम पंचायतों को संबंधित बिंदुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही, सर्वेक्षण की जानकारी सभी ग्राम पंचायतों को दी जाएगी ताकि वे सक्रिय रूप से इसमें सहभागिता कर सकें।

 

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने अपील की है कि सभी ग्रामीण नागरिक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपना बहुमूल्य फीडबैक दर्ज करें। इससे पुणे जिले की रैंकिंग बेहतर होगी और मिशन को मजबूती मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button