
मुस्लिम समाज द्वारा राहुल डंबाळे को ‘मौलाना अबुल कलाम आज़ाद समाज भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित
पुणे, डीएस तोमर
देशभर में अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम समाज के मुद्दों पर प्रभावी रूप से कार्य कर रहे नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी के अध्यक्ष राहुल डंबाळे को भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आज़ाद समाज भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार पुणे शहर जिला मुस्लिम समाज की ओर से प्रदान किया गया।
यह सम्मान समारोह ढोले पाटील रोड स्थित आहार बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष रशीद शेख और पूर्व नगरसेवक आयुब शेख उपस्थित थे, जिनके करकमलों से राहुल डंबाळे को यह पुरस्कार भेंट किया गया।
इस अवसर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता परशुराम वाडेकर, पूर्व उपमहापौर डॉ. सिद्धार्थ धेंडे, पूर्व नगरसेवक गफूर पाटण, रईस आबीद शेख, हाजी फिरोज शेख (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी), पूर्व नगरसेविका हिमाली कांबळे, पूर्व नगरसेवक अविनाश साळवे, बाळासाहेब जानराव, बापूसाहेब भोसले, वरिष्ठ उद्यमी नजीर तांबोळी, अॅड. अय्युब शेख, अनिस सुंडके, शैलेन्द्र चव्हाण, महेंद्र कांबळे, रिपब्लिकन युवा मोर्चा की सुवर्णा डंबाळे, दलित पैंथर के यशवंत नडगम, मौलाना हाशमी, सिद्दीक शेख, शहाबुद्दीन शेख, भाई विवेक चव्हाण (अधिवक्ता), मिलिंद आहिरे, अतुल साळवे, डिक्की के अध्यक्ष मिलिंद कांबळे, सलिम पटेल, असिफ खान, सिकंदर मुलाणी समेत कई गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम का आयोजन जावेद भाई शेख, सलीम पटेल, आसिफ शेख, मुज्जमिल शेख और मिनाज मेमन द्वारा किया गया था।
समारोह में बोलते हुए रशीद शेख ने कहा कि राहुल डंबाळे जैसे कार्यकर्ताओं के कारण ही देश में धर्मनिरपेक्षता और हिंदू-मुस्लिम एकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आज के सामाजिक वातावरण में धार्मिक ध्रुवीकरण को नकारते हुए, डंबाळे अल्पसंख्यकों के मुद्दों को प्रशासन के समक्ष साहसपूर्वक रखते हैं और उनके समाधान के लिए गंभीर प्रयास करते हैं।
आयुब शेख ने कहा कि डंबाळे देशभर में मुस्लिम और अल्पसंख्यक समुदाय के वास्तविक मुद्दों को बेहद प्रभावशाली तरीके से उठाकर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. सिद्धार्थ धेंडे ने कहा कि पुणे शहर में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में डंबाळे का योगदान महत्वपूर्ण है।
परशुराम वाडेकर ने कहा कि आंबेडकरी विचारधारा से प्रेरित राहुल डंबाळे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष और अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव मुखर रहे हैं। मुस्लिम समाज द्वारा दिया गया यह पुरस्कार उनके कार्यों की सराहना है।
अपने वक्तव्य में राहुल डंबाळे ने कहा, “जाति, धर्म, भाषा, पंथ से ऊपर भारत का संविधान और उसकी संस्कृति है। ऐसे भारत के निर्माण के लिए हम सभी को एक-दूसरे का साथ देना आवश्यक है।”



