इटावा पुलिस द्वारा जनकपुर प्रकरण की जांच में सामने आए तथ्य
इटावा, ब्यूरो विशाल समाचार
थाना जसवंतनगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जनकपुर से संबंधित एक समाचार आज कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है। इस प्रकरण में जनपद पुलिस द्वारा की गई जांच में निम्न तथ्यों की पुष्टि हुई है:
दिनांक 18 जून 2025 को पवन उपाध्याय उर्फ पंकज, जोकि मूलतः इटावा के निवासी हैं, अपने पुराने परिचित विनोद कुमार पुत्र राम भरोसे (निवासी जनकपुर, थाना जसवंतनगर) से मिलने आए थे। दिनांक 19 जून 2025 को अधिक वर्षा होने के कारण वह वापस न जाकर विनोद के घर ही रुक गए।
पवन उपाध्याय ने बताया कि वह Fitts (मिर्गी) की बीमारी से पीड़ित हैं, जिसका इलाज AIIMS दिल्ली से चल रहा है। 19 जून की रात को भोजन व दवा लेने के बाद वे सो गए थे। रात करीब 11:00 बजे नींद खुलने पर वॉशरूम के लिए निकले लेकिन गलती से पड़ोसी विपिन के घर चले गए। वहीं उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा और वे खाट पर बैठ गए, जिससे स्थिति को लेकर कुछ कहासुनी हो गई। सूचना मिलने पर डायल 112 के माध्यम से पुलिस मौके पर पहुंची तथा संबंधित मेडिकल दस्तावेज देखकर पवन उपाध्याय को उनके पिता को सुपुर्द कर दिया गया।
इस संबंध में न तो पवन उपाध्याय और न ही विपिन अथवा किसी अन्य पक्ष द्वारा कोई तहरीर दी गई है। पुलिस टीम द्वारा ग्राम में जाकर ग्रामीणों से बातचीत करने पर भी उपरोक्त घटनाक्रम की पुष्टि हुई है।
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि पवन उपाध्याय उर्फ पंकज किसी प्रकार के भागवत कथाचार्य नहीं हैं, बल्कि सामान्यतः घरेलू पूजा-पाठ आदि कार्य करते हैं। 18 जून को भी उनका जनपद इटावा आगमन किसी धार्मिक कार्यक्रम हेतु नहीं हुआ था।
इटावा पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी भ्रामक खबर अथवा अफवाह पर विश्वास न करें। तथ्यात्मक जानकारी हेतु केवल अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें।


