
कीस्टोन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में गुरु पूर्णिमा उत्साहपूर्वक संपन्न
प्रसेनजित फडणवीस को ‘शिक्षा भास्कर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया
पुणे: कीस्टोन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के अधिसभा सदस्य प्रसेनजित फडणवीस थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. संदीप कदम, संस्थापक संचालक प्रा. यशोधन सोमण, संचालक प्रा. प्रशांत कसबे और श्री अंकित लुनावत द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. कदम ने विद्यार्थियों से गुरुदक्षिणा स्वरूप मोबाइल का कम उपयोग करने और शत-प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रकट करते हुए शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान कीस्टोन परिवार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 प्राध्यापकों को ‘विद्या विभूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में प्रा. शर्वरी कुलकर्णी, प्रा. सागर राजेभोसले, प्रा. विपुल महिंद्रकर, डॉ. सोनाली शिर्के, प्रा. जयश्री पवार, प्रा. सुवर्णा फुले, प्रा. रूपाली नाळे, प्रा. पूनम नझीरकर, प्रा. स्वाती पानेरी और प्रा. शीतल माने शामिल हैं।
संगणक अभियांत्रिकी की अंतिम वर्ष की छात्राएं स्नेहा भोसले और अनुष्का पाटील को दोनों सेमेस्टर में 10 SGPA प्राप्त करने पर विशेष रूप से उनके पालकों सहित सम्मानित किया गया।
गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ग्रीटिंग कार्ड मेकिंग स्पर्धा में 87 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इसमें अदनान शेख ने प्रथम, किर्ती कदम ने द्वितीय, और नक्षत्रा चासकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं चारोळी लेखन प्रतियोगिता में 43 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिसमें उर्मिला सुर्वे (प्रथम), कल्याणी खोडके (द्वितीय) और इंगवले गुरुराज (तृतीय) विजेता घोषित हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रसेनजित फडणवीस को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए ‘शिक्षा भास्कर पुरस्कार’, पुणेरी पगड़ी और सम्मानपत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कीस्टोन परिवार एवं प्रा. सोमण का आभार व्यक्त करते हुए इस सम्मान को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और उद्योग क्षेत्र के बदलते परिदृश्यों तथा चुनौतियों से अवगत कराया और सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
संस्थापक संचालक प्रा. यशोधन सोमण ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन अँकर्स क्लब के विद्यार्थियों ने किया तथा संयोजन प्रा. सुवर्णा फुले के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस आयोजन में 1000 से अधिक विद्यार्थी, विभाग प्रमुख, शिक्षकगण एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।



