
इटावा में श्रावस्ती मॉडल पर भूमि विवादों का समाधान अभियान जारी, अब तक 236 हेक्टेयर ज़मीन कब्जा मुक्त
इटावा, ब्यूरो विशाल समाचार
शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जन शिकायतों, विशेष रूप से भूमि विवादों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान हेतु जनपद इटावा में श्रावस्ती मॉडल के आधार पर अभियान सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। आयुक्त कानपुर मण्डल के निर्देश पर जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा दिनांक 06 मई 2025 से यह अभियान प्रारंभ किया गया है, जो जनपद की सभी 06 तहसीलों व 20 थानों में प्रत्येक मंगलवार एवं गुरुवार को संचालित हो रहा है।
राजस्व व पुलिस विभाग की 10 सदस्यीय संयुक्त टीमें विवादग्रस्त ग्रामों में पहुंचकर सभ्रान्त व्यक्तियों की उपस्थिति में आपसी सुलह-समझौते, जाँच, पैमाइश एवं दस्तावेज़ों के आधार पर विवादों का समाधान कर रही हैं। इन टीमों का नेतृत्व उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी अथवा उप निरीक्षक द्वारा किया जाता है।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का भौतिक रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में भरथना तहसील में धारा-24 का 1 तथा धारा-116 के 3 प्रकरणों का समाधान कराया गया है।
आज दिनांक 15 जुलाई 2025 को जनपद की सभी तहसीलों में कुल 14 ग्रामों में अभियान चलाया गया, जिसमें 85 मामलों को चिन्हित कर विवाद पक्षों से बातचीत, जांच व पैमाइश द्वारा शत-प्रतिशत मामलों का समाधान किया गया। इस दौरान 10.115 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई, जिसमें 13 नाली, 32 रास्ते, 03 तालाब, 04 चारागाह, 03 खलिहान, 06 खाद गड्ढे, 08 नवीन परती/बंजर भूमि एवं 05 अन्य प्रकार की भूमि शामिल हैं।
अभियान प्रारंभ होने से अब तक जनपद के 330 ग्रामों में कुल 1932 भूमि विवादों का समाधान किया गया है, जिसके अंतर्गत 236.839 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई है। अभियान की निगरानी जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वि/रा) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव तथा तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारीगण द्वारा की जा रही है।
यह अभियान प्रशासन की जवाबदेही, पारदर्शिता एवं जन सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से
दर्शाता है।


