
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
ब्यूरो विशाल समाचार इटावा
सैफई: राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के जन सूचना अधिकारियों को निष्ठा और पारदर्शिता के साथ सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक कल्याणकारी शासन व्यवस्था में सूचना का अधिकार (RTI) एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे जनता को जवाबदेही की दिशा में सशक्त किया जा सकता है।
डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी ईमानदारी एवं स्पष्ट नियत के साथ कार्य करें तो सूचना उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई नहीं आएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरटीआई अधिनियम के तहत निर्धारित 30 दिनों की समयावधि में जानकारी का संप्रेषण किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी बताया कि आरटीआई एक्ट में स्पष्ट प्रावधान हैं कि किन जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों को चेताया कि अधिनियम के अंतर्गत दी जाने वाली अन्य सूचनाओं में अनावश्यक विलंब न किया जाए, क्योंकि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि शासन की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनहित के प्रति सजग रहें और सूचना अधिकार के तहत जनता को समयबद्ध व संतोषजनक जवाब दें।



