
आत्मनिर्भरता की राह पर दिव्यांग आनंद चौधरी : जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और जीविका की पहल से बदली ज़िंदगी
कुणाल किशोर सीतामढ़ी संवाददाता
सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड अंतर्गत रूनी चौक टोल प्लाजा के समीप रहने वाले आनंद चौधरी, जो दिव्यांगता के साथ-साथ आर्थिक तंगी और बेरोजगारी का सामना कर रहे थे, आज आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। यह परिवर्तन संभव हो सका है जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय के संवेदनशील हस्तक्षेप और जीविका की समयबद्ध पहल के कारण।
आनंद चौधरी ने अपनी कठिन आर्थिक परिस्थिति की जानकारी जिलाधिकारी को दी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) को त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। निर्देश मिलते ही जीविका की टीम ने आनंद चौधरी से संपर्क स्थापित कर समस्या का समाधान आरंभ किया।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम:
आनंद चौधरी की पत्नी ज्योति कुमारी को जीविका के स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया।
ग्राम संगठन के माध्यम से ₹25,000 का लोन स्वीकृत हुआ, जो सीधे उनके खाते में स्थानांतरित भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, उद्योग विभाग के तहत ₹2,00,000 के ऋण की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई, जिसमें प्रखंड परियोजना प्रबंधक (BPM) का सहयोग प्राप्त हुआ।
आनंद चौधरी का बीमा भी सुनिश्चित किया गया है ताकि भविष्य में उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।
आनंद चौधरी की मां और भाभी पूर्व से ही समूह के माध्यम से ऋण लेकर छोटे स्तर पर आजीविका चला रही हैं। अब आनंद चौधरी को भी दिव्यांग समूह में जोड़कर ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है।
आशा से आत्मनिर्भरता तक का सफर
आज आनंद चौधरी का परिवार पहले की तुलना में अधिक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर बन रहा है। आर्थिक सहयोग, सामाजिक संरक्षण और संस्थागत समर्थन ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है।



