पूणे

महसूल सप्ताह के अंतर्गत पुणे जिले में पानंद और शिवरास्तों के दोनों ओर व्यापक वृक्षारोपण – जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी

महसूल सप्ताह के अंतर्गत पुणे जिले में पानंद और शिवरास्तों के दोनों ओर व्यापक वृक्षारोपण – जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी

 

पुणे, सोहन सिंह तोमर: ‘महसूल सप्ताह 2025’ के तीसरे दिन पुणे जिले में पानंद (फार्म रोड) और शिवरास्तों (ग्राम संपर्क मार्गों) की मोजणी कर दोनों ओर वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्रभावी रूप से कार्यान्वित किया गया। यह जानकारी जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी ने दी।

 

इस अभियान के अंतर्गत जुन्नर तालुका के टिकेकर वाडी, नारायणगांव, शिरोळी, उदापूर, आर्वी, पिंपलगांव तथा आंबेगाव तालुका के लौकी गांव में पानंद रास्तों पर और मावळ तालुका के इंदुरी-सांगुडी, नवलाख उंबरे, मंडळ वडगांव, गहुंजे से सांगवडे, थोराण के श्मशानभूमि की ओर जाने वाले पानंद मार्गों पर वृक्षारोपण किया गया।

 

मुळशी तालुका के चाले, नेरे, दत्तवाडी, भुगाव, आंग्रेवाडी, भुकूम, कुळे, खुबवली, मारूंजी जैसे नौ गांवों में और घोटावडे गांव से बंधारे की ओर जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर पानंद रस्ते के दोनों ओर वृक्षारोपण किया गया।

 

अप्पर तहसील पिंपरी चिंचवड अंतर्गत निरगुडी और विठ्ठलनगर (देहू) तथा लोणी काळभोर तहसील अंतर्गत अष्टापूर से पिंपरी-सांडस शिवरास्ते पर भी वृक्ष लगाए गए।

 

हवेली तालुका में खेडशिवापुर के श्रीरामनगर से गाऊडदरा गांव को जोड़ने वाले शिवरास्ते के दोनों ओर वृक्षारोपण किया गया। भोर तालुका के भोंगवली गांव में भी वृक्षारोपण के साथ-साथ बंद पड़े 100 से अधिक मार्गों को पुनः चालू किया गया।

 

वेल्हा (राजगड) तालुका के अडवली, कानंद, ओसांडे, बारामती और इंदापुर तालुकों में भी पानंद रास्तों के किनारे वृक्षारोपण की मुहिम चलाई गई। खेड तहसील के चाकण महसूल मंडल में गोणवडी से बोरदरा तक के शिवरास्ते को खोलकर दोनों ओर वृक्षारोपण किया गया।

 

पुरंदर तालुका के आडाचीवाडी गांव में भी पानंद रस्ते के किनारे पेड़ लगाए गए। किसानों की सहमति से पानंद मार्ग को खाली कर लोक सहभाग से मुरुमीकरण कार्य (सड़क सुधार) भी शुरू किया गया। दौंड तालुका के 16 और शिरूर तालुका के 10 गांवों में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।

 

इस पर्यावरणीय पहल में ग्रामस्थों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, सड़क हेतु स्वेच्छा से जमीन देने वाले किसानों का प्रशासन की ओर से सार्वजनिक सम्मान किया गया, ऐसा भी श्री डुडी ने बताया।

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