
दिव्यांगों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन के साधन उपलब्ध कराए जाएं – समाजसेवी राहुल देशमुख की सरकार से मांग
– जय गणेश व्यासपीठ के माध्यम से विश्व पितृ दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, प्रतिनिधि। शारीरिक चुनौतियों को पार कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों को केवल पुरस्कार देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यह विचार सामाजिक कार्यकर्ता एवं एनएडब्ल्यूपीजी के प्रमुख राहुल देशमुख ने व्यक्त किए।
साईनाथ मंडल ट्रस्ट, एकता मित्र मंडल, श्री शिवाजी मित्र मंडल, वीर शिवराज मित्र मंडल और अचानक मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में जय गणेश व्यासपीठ के माध्यम से विश्व पितृ दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग बच्चों के पिताओं का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. संगीता बर्वे, उदय जगताप, सचिन पवार, विक्रम गोगावले, हर्षद नवले, नरेंद्र व्यास, विनायक इंगवले, गोविंदा वरंदानी, अमित जाधव सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष एवं आयोजक पियुष शाह, किरण सोनीवाल, सुधीर ढमाले, प्रल्हाद थोरात और ऋषिकेश भुजबल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अंध चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं शास्त्रीय गायक भूषण तोष्णीवाल के पिता नंदकिशोर तोष्णीवाल, कर्णबधिर भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रेरणा सहाणे के पिता केशव सहाणे, दिव्यांग नृत्यांगना सायली आगवणे के पिता नंदकिशोर आगवणे तथा राष्ट्रीय स्तर की तैराक गौरी गाडगीळ के पिता शेखर गाडगीळ का राहुल देशमुख एवं डॉ. संगीता बर्वे के हाथों सम्मान किया गया।
राहुल देशमुख ने कहा कि दिव्यांग बच्चे अनेक ऐसे कार्य कर रहे हैं, जो सामान्य लोगों के लिए भी कठिन होते हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार को विशेष नीति बनाकर उन्हें बेहतर सरकारी नौकरियां, आर्थिक सहायता और मानधन उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही, माता-पिता के बाद भी उनके जीवन की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डॉ. संगीता बर्वे ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अवसाद, मानसिक तनाव और नकारात्मक विचारों जैसी समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में दिव्यांगता पर विजय प्राप्त कर सफलता हासिल करने वाले बच्चे और उन्हें मार्गदर्शन देने वाले माता-पिता समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से ऐसे प्रतिभाशाली दिव्यांग युवाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सम्मानित व्यक्तियों के अभिभावकों ने भी अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा किए। पियुष शाह ने अतिथियों और सम्मानित व्यक्तियों का परिचय कराया। कार्यक्रम का संचालन आशीष जराड ने किया, जबकि सुधीर ढमाले ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रल्हाद थोरात, किरण सोनीवाल, पियुष शाह और सुधीर ढमाले ने विशेष योगदान दिया।


