पूणे

“न्यायालय केवल इमारत नहीं, न्यायमंदिर है – नागरिकों के विश्वास की जिम्मेदारी न्यायाधीश और वकीलों की” – न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे

“न्यायालय केवल इमारत नहीं, न्यायमंदिर है – नागरिकों के विश्वास की जिम्मेदारी न्यायाधीश और वकीलों की” – न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे

 

पुणे:  “न्यायालय केवल ईंटों से बनी इमारत नहीं, बल्कि यह एक न्यायमंदिर है। यहां निष्पक्ष और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाती है और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाता है। यही लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है।” यह उद्गार बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे ने व्यक्त किए।

 

वह पुणे जिले के मुळशी तालुका स्थित पौड में पूर्णकालिक दिवाणी न्यायालय (कनिष्ठ स्तर) एवं प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर न्यायमूर्ति संदीप मारणे, न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र के. महाजन, स्थानीय विधायक शंकर मांडेकर, महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल के अध्यक्ष एड. विठ्ठल कोंडे देशमुख, उपाध्यक्ष एड. राजेंद्र उमाप, पुणे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत झंजाड सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

न्यायमूर्ति मोहिते-डेरे ने कहा कि आम नागरिक को न्याय पाने के लिए संघर्ष न करना पड़े, इसके लिए न्यायिक पायाभूत सुविधाएं आवश्यक हैं। नागरिकों में न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ने से मुकदमों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आज भी लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि “न्याय में विलंब न्याय न मिलने के समान है। ऐसे में वकीलों की जिम्मेदारी है कि वे न्याय प्रक्रिया को गति देने में सहयोग करें। वकील नागरिकों के अधिकारों के संरक्षक होते हैं। न्याय के माध्यम से जनसेवा होती है, अतः नए वकीलों को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।”

 

इस अवसर पर न्यायमूर्ति संदीप मारणे ने कहा कि “पुणे राज्य का सबसे बड़ा न्यायिक जिला है और राज्य के कुल लंबित मामलों में 13% केवल पुणे जिले में हैं। शिवाजीनगर कोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने हेतु जिले में नए न्यायालयों की स्थापना की जा रही है। मुळशी क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है, जमीनों के भाव बढ़ रहे हैं, और पर्यटन भी पनप रहा है, ऐसे में यहां प्रभावशाली न्यायिक प्रणाली आवश्यक थी।”

 

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर, जिला न्यायाधीश महेंद्र महाजन, विधि व न्याय विभाग के सहसचिव विलास गायकवाड, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल, पुलिस उपअधीक्षक राजेंद्र चोपडे, तहसीलदार विनयकुमार चोबे, गटविकास अधिकारी सुधीर भागवत, बार एसोसिएशन और वकील संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का आयोजन मुळशी वकील संघ के अध्यक्ष एड. संभाजी बलकवडे, एड. संजय मारणे, एड. योगेश साठे, एड. रणजीत टेमघरे एवं एड. अमोल शितोळे द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक एड. बलकवडे ने किया, और आभार प्रदर्शन न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सागर मोहीते ने किया।

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