पूणे

में यातायात जाम से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाएं – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

में यातायात जाम से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाएं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

पुणे: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहर के लिए समग्र गतिशीलता योजना सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ तय करें। ग्रेड सेपरेटर, रिंग रोड सेपरेटर और टनल सेपरेटर पर एक संयुक्त खाका तैयार किया जाए। अगले 30 वर्षों को ध्यान में रखकर यातायात जाम से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।

 

यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी में महामेट्रो की ओर से आयोजित ‘पुणे शहर समग्र गतिशीलता’ योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री व जिले के पालकमंत्री अजित पवार, केंद्रीय सहकार राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ, राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, ‘मित्रा’ संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीणसिंह परदेशी, मुख्य सचिव राजेश कुमार, अपर मुख्य सचिव (गृह) इकबाल सिंह चहल, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, प्रधान सचिव अश्विनी भिडे, महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि समग्र गतिशीलता योजना की लागत 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें पहले चरण में 62 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। पहले चरण में सार्वजनिक परिवहन को 30 प्रतिशत तक बढ़ाने और बाद में 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। किसी भी व्यक्ति को 500 मीटर के दायरे में सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो, ऐसा नियोजन हो। सभी विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट तय की जाएं और महानगरों में औसत गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने की दिशा में योजना बने।

 

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि पुणे मेट्रो नेटवर्क के माध्यम से यातायात जाम कम करने के प्रयास जारी हैं। समग्र गतिशीलता योजना में प्रस्तावित हडपसर से लोणी काळभोर मेट्रो लाइन के स्थान पर हडपसर से उरूली कांचन मेट्रो लाइन पर विचार किया जाए, क्योंकि पुणे-सोलापुर राजमार्ग पर यातायात दबाव तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए जल आपूर्ति की योजना भी बनाई जाए।

 

महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 में तैयार इस योजना में संशोधन कर वर्ष 2054 तक की जनसंख्या वृद्धि, सड़क दुर्घटनाएं, शहरीकरण, पीएमपीएमएल बस सेवा विस्तार, डिपो, मेट्रो विस्तार, बीआरटीएस कॉरिडोर, पुरंदर हवाई अड्डे के लिए बाह्य रिंग रोड, मिसिंग लिंक, साइकिल नेटवर्क, प्रमुख बाजार मार्ग, ट्रक टर्मिनल, लॉजिस्टिक हब, मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन हब, पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और आईटी क्षेत्र की वृद्धि जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। यह योजना 2,550 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है और राज्य सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्तुत की गई है।

 

बैठक में पुणे व पिंपरी-चिंचवड़ के यातायात प्रबंधन खाके, यातायात जाम कम करने के उपाय और उनकी क्रियान्वयन प्रक्रिया पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर विधायक योगेश टिळक, भीमराव तापकीर, बापूसाहेब पठारे, हेमंत रासने, विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह, पीएमआरडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेश म्हसे, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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