
शहीद रानी वीरांगना अवंती बाई जयंती पर रैली एवं जनसभा का आयोजन
शिवराज सिंह राजपूत इटावा
इटावा में आज 1857 की अमर शहीद रानी अवंती बाई का जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम इंडियन आइडल स्थित वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया, तदोपरांत भैरोपुर में जनसभा आयोजित हुई। इस अवसर पर विशिष्ट व्यक्तियों एवं महिलाओं को साल उढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कृषि मंत्री श्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि वीरांगना अवंती बाई ने 1857 की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनका जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी गांव में हुआ था और विवाह विक्रमादित्य सिंह से हुआ था। अंग्रेजों ने उन्हें पागल घोषित कर राज्य को हड़प लिया था, जिसके बाद उन्होंने सजातीय राजाओं को एकत्र कर अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही सभी तालों की कुंजी है, शिक्षा के बिना विकास अधूरा है।

विशेष अतिथि मीडिया अधिकार मंच के श्री सत्येंद्र सेगर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में वीर वीरांगनाओं का विशेष योगदान रहा है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही देश और समाज का भला संभव है। उन्होंने युवाओं को मोबाइल पद्धति से दूर रहने और अच्छे संस्कार सीखकर सकारात्मक माहौल बनाने का आह्वान किया।
योगाचार्य अनिल राजपूत, जिला कोऑर्डिनेटर भारतीय शिक्षा बोर्ड ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही है। आज हम स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं तो उसमें वीर वीरांगनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई ने अंग्रेजों के खिलाफ 11 बार युद्ध लड़े और अंग्रेजी फौज के कमांडर वॉर्डिंग गटन को हराया। अंततः जब वे घिर गईं तो सतपुड़ा के जंगलों में भीषण युद्ध के बाद अपने सेनापति से तलवार लेकर आत्मबलिदान कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन वीरांगना अवंती बाई फाउंडेशन के श्री प्रेमचंद द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर रामासरे राजपूत, फूल सिंह, शरद राजपूत, बांकेलाल सोनी राजपूत, सुधाकर राजपूत, रामलखन हो गया, राजेंद्र राजपूत, सुनील प्रधान, मदन प्रधान सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। महिलाओं में खुशी, गीता कुमारी, नम्रता कुमारी, राधा कुमारी, अंजली, उत्कर्ष किसानों में रामकिशोर, बब्बू आदि को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्री रमाकांत राजपूत ने किया। सर्वप्रथम औरैया नगर में वीरांगना अवंती बाई की रैली निकाली गई तथा नगर भ्रमण भी किया गया।


