
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कम से कम 50% तेल और गैस का उत्पादन देश में होना चाहिए: वेदांता चेयरमैन
Pune : वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि भारत की तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए देश को सभी उपलब्ध ऊर्जा स्रोतों—नवीकरणीय ऊर्जा, कोयला और तेल एवं गैस—का पूरा उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जहां एक ओर भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, वहीं तेल और गैस के क्षेत्र में अब भी अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए अग्रवाल ने कहा, “भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कम से कम 50% तेल और गैस का उत्पादन देश के भीतर होना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वैश्विक खपत लगातार बढ़ने के बीच ऊर्जा में आत्मनिर्भरता बेहद अहम है।
युवाओं को इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, “यह हमारे युवाओं का काम है। उन्हें आसान अनुपालन और वास्तविक ease of doing business के साथ प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यदि हम उन्हें सशक्त करेंगे, तो भारत न केवल ऊर्जा स्वतंत्रता हासिल करेगा बल्कि एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।”
अग्रवाल की टिप्पणियां भारत की उस रणनीति को दर्शाती हैं, जिसमें स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन रखते हुए विकास सुनिश्चित करने और आयात पर निर्भरता घटाने पर जोर दिया गया है



