‘राजे यशवंतराव होलकर महामेष योजना’ से भटक्या जमाती के पशुपालकों को मिलेगा लाभ
पुणे : किसानों को कृषि के साथ पूरक व्यवसाय का सहारा देने के लिए पशुपालन विभाग ने ‘राजे यशवंतराव होलकर महामेष योजना’ लागू की है। इस योजना से भटक्या जमाती प्रवर्ग के पशुपालकों को सतत और सुनिश्चित आय के अवसर उपलब्ध होंगे।
योजना के तहत स्थायी भेड़पालकों को शेड निर्माण, चारा-पानी की व्यवस्था, औषधियाँ और बीमा आदि पर अनुदान मिलेगा। वहीं, घुमंतू भेड़पालकों को तंबू, आवश्यक सामग्री और चराई हेतु भूमि किराए पर लेने के लिए सहायता दी जाएगी। स्थायी और स्थलांतरित भेड़पालकों को 20 भेड़ और 1 नर भेड़ के समूह पर 75% अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा संतुलित पशु आहार, हरे चारे के मुरघास के लिए मशीन तथा पशुखाद्य कारखाने स्थापित करने पर 50% तक अनुदान दिया जाएगा। योजना राज्य के 34 जिलों में लागू होगी (मुंबई व उपनगर को छोड़कर)।
लाभार्थी केवल भटक्या जमाती प्रवर्ग के होंगे, जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होगी। कुल लाभार्थियों में 30% महिलाएँ और 3% दिव्यांग शामिल किए जाएंगे। आवेदन केवल www.mahabms.com/Mahamesh.html पर ऑनलाइन किया जा सकेगा।
इस योजना से ग्रामीण भटक्या व धनगर समाज के पशुपालकों को परंपरागत भेड़-पालन से शाश्वत आय का स्रोत मिलेगा और उनका सामाजिक-आर्थिक स्तर सुदृढ़ होगा।


