
दूसरी अंतरराष्ट्रीय आयुरहेल्थ परिषद का आयोजन वियतनाम में, आयुष विभाग और MUHS का समर्थन
पुणे,: भारत की प्राचीन परंपरा आयुर्वेद और योग आज विश्वभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित इस विज्ञान के माध्यम से आधुनिक जीवनशैली से जुड़े रोगों जैसे मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव पर प्रभावी प्राकृतिक समाधान उपलब्ध हो रहे हैं। इसी कारण आयुर्वेद और योग अब केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि समग्र जीवनशैली के विज्ञान के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कर रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में Shiv International Fraternity of Ayurved (SIFA), Swan Foundation और Shiv Ayurved, सिंगापुर के सहयोग से दूसरी अंतरराष्ट्रीय आयुरहेल्थ परिषद का आयोजन किया जा रहा है। यह परिषद १ और २ नवंबर २०२५ को वियतनाम के हो-ची-मिन्ह सिटी में आयोजित होगी। परिषद के लिए आयुष विभाग, महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ, नाशिक (MUHS) और भारतीय दूतावास, वियतनाम का सहयोग प्राप्त है।
SIFA की संस्थापिका एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिल्पा स्वार (केसरकर) ने बताया, “इस परिषद का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद और योग क्षेत्र के छात्रों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को एक मंच पर लाना है। इसके माध्यम से भारतीय विशेषज्ञों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना और आयुर्वेद व योग का अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार करना हमारी प्राथमिकता है।”
पहली अंतरराष्ट्रीय परिषद २०२३ में सिंगापुर में आयोजित हुई थी, जिसमें ८ देशों से १०० से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस वर्ष वियतनाम को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया क्योंकि दक्षिण एशियाई देश आयुर्वेद के लिए तेजी से उभरते ‘इमर्जिंग हब’ बन रहे हैं, जिससे भारतीय पेशेवरों और छात्रों को वैश्विक अवसर मिलेंगे।
सिफा की सदस्य डॉ. ज्योती मुंडर्गी और डॉ. शिल्पा स्वार ने मीडिया के माध्यम से अधिकतम प्रतिनिधियों को परिषद में भाग लेने और इस अवसर का लाभ उठाने का आवाहन किया।
सेशेल में लाइफ कोच के रूप में कार्यरत श्रुती आर्या ने बताया, “विश्वभर में वेलनेस और योग क्षेत्र में अत्यधिक अवसर उपलब्ध हैं। केवल अमेरिका में ही ५०,००० से अधिक वेलनेस और योग केंद्र संचालित हैं। तुर्की, दुबई, आयरलैंड, न्यूजीलैंड सहित कई देशों में भी यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए भारतीय नागरिकों को इन अवसरों की जानकारी लेकर लाभ उठाना चाहिए।”
Swan Foundation के अध्यक्ष शशिकांत कांबळे ने कहा, “यह परिषद आयुर्वेद और योग के वैश्विकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम होगी। वियतनाम और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में आयुर्वेद के लिए बड़ी बाजार संभावनाएं बन रही हैं, जिससे भारतीय विशेषज्ञ नई व्यावसायिक और शोध अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।”
परिषद के उद्घाटन में प्रमुख अतिथि:
डॉ. तनुजा नेसरी, संचालक, Institute of Teaching and Research in Ayurveda, जामनगर
डॉ. मिलिंद निकुंभ, प्र-कुलगुरु, महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ, नाशिक
डॉ. नारायण जाधव, अध्यक्ष, Medical Assessment and Rating Board (NCISM), नई दिल्ली
डॉ. अस्मिता जगताप, कार्यकारी संचालक, भारती हॉस्पिटल
डॉ. जयंत खंदारे, ऑन्कोलॉजिस्ट
डॉ. मनीष परदेशी, हेड स्पोर्ट्स फिजियोथेरपिस्ट, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड
परिषद के मुख्य आकर्षण:
उद्घाटन समारोह में डॉ. विप्रा पांडे (Consul General, भारतीय दूतावास, वियतनाम) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों का सहभाग।
कम से कम ८ देशों के विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन।
छात्रों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को शोध निबंध प्रस्तुत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक प्रकाशन का अवसर।
आयुर्वेद क्षेत्र के उत्पादों, उपकरणों और तकनीक का प्रदर्शन।
व्यावसायिक अवसर और सहयोग की संभावनाओं पर विशेष सत्र।
उत्कृष्ट योगदान और प्रस्तुति के लिए SIFA गौरव पुरस्कार।
आयुर्वेद क्षेत्र में वैश्विक नीतियां, शैक्षणिक और औद्योगिक अवसरों पर विस्तृत चर्चा।
इस परिषद के माध्यम से आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।



