
इटावा जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति/निपुण भारत मिशन की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
विशाल समाचार संवाददाता
इटावा जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति/निपुण भारत मिशन की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन, के0जी0बी0वी0, स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत नवीन नामांकन, आर०टी०आई० के अंतर्गत छात्रों का प्रवेश, पाठयपुस्तक वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, मध्याह्न भोजन योजना में छात्र उपस्थिति, डी0बी0टी0, आधार नामांकन स्टेट्स, समर्थ, मानव सम्पदा, शिक्षक स्थानान्तरण एवं अन्य बिन्दुओं की समीक्षा की गई।
उन्होंने कायाकल्प के तहत सभी विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, शौचालय एवं दिव्यांग शौचालयों की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए साथ ही उन्होंने यह भी अवगत कराया कि विद्यालयों में अध्यापकों व बच्चों की उपस्थिति 100 प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में सफाई एवं मरम्मत का कार्य करा दिया जाए साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जर्जर भवन में बच्चों को ना बैठाया जाए एवं जर्जर भवन का तत्काल ध्वस्तीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को यू-डाइस पर किया जाए एवं कितने विद्यालय यू-डाइस पोर्टल पर है अथवा नहीं हैं इसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण ससमय किया जाए साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 1200 रु0 सभी बच्चों के अभिभावक के खाते में विद्यालय खुलने से पहले भेज दिए जाएं जिससे कि उनके द्वारा स्कूल खुलने से पहले बच्चों के ड्रेस, जूते, मोजे आदि समय से खरीद लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मिड डे मील की व्यवस्था ठीक होनी चाहिए एवं रसोइयों का भुगतान समय से होना चाहिए। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि नए बच्चों का प्रवेश ज्यादा से ज्यादा किया जाए साथ ही उन्होंने यह भी अवगत कराया कि संकुल वाइस रजिस्टर बनाकर रोस्टर के हिसाब से बच्चों के आधार कार्ड ज्यादा से ज्यादा बनाए जाएं एवं सभी बच्चों को समस्त सुविधाएं समय से प्राप्त कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बाल वाटिका बनाई जाएं एवं पठन-पाठन का कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का आधार कार्ड अवश्य होना चाहिए एवं दिव्यांग बच्चों के प्रमाण पत्र बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल की मॉनिटरिंग प्रतिदिन की जाए साथ ही उन्होंने कहा कि जिन विद्यालय में दिव्यांग बच्चे है, ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर वहां स्पेशल एजुकेटर भेजे जाएं एवं माइक्रो-प्लान बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सारे विद्यालयों के सभी बच्चों को निपुण बनाया जाए साथ ही यह भी कहा कि कम लर्निंग आउटकम वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि हर खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम 5 खराब स्थिति वाले विद्यालयों की सूची बनाए और उन्हें बेहतर बनाने का प्रयास करें।
बैठक के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 राजेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त ए०बी०एस०ए० सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


