इटावा नगर पालिका टेंडर घोटाले पर बवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन
इटावा|विशाल समाचार
इटावा | नगर पालिका इटावा में टेंडर प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए ठेकेदारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
आरोप है कि पिछले दो वर्षों से नगर पालिका द्वारा जारी सभी टेंडर सिर्फ़ 5–10 पैसे की कम बोली पर फिक्स किए जा रहे हैं, जबकि पहले टेंडर 25% तक नीचे आते थे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह पूरा खेल नगरपालिका अध्यक्ष के पति और उनसे जुड़ी फर्मों — बांके बिहारी, विनायक ट्रेडिंग और अंकित गुप्ता — को फायदा पहुँचाने के लिए रचा जा रहा है।
आरोपों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया की जानकारी पहले से ही बाहर लीक हो रही है। नगर पालिका परिषद का एसबीआई खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर कमरा नंबर-15 में बैठे बाबू सतेंद्र से लिंक है, जो हर ठेकेदार की जमा राशि देख लेता है और सीधे नगर अध्यक्ष को सूचना दे देता है। इससे बाकी ठेकेदारों को बराबरी का मौका ही नहीं मिल रहा।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि—
वर्तमान टेंडर प्रक्रिया रद्द की जाए।
भविष्य की निविदाएं ADM और SDM की देखरेख में कराई जाएं।बाबू सतेंद्र की भूमिका की जाँच कर कार्रवाई की जाए।पूरे मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज कर लोकायुक्त को भेजा जाए।
ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यह मामला सरकारी धन की लूट और सत्ता के दुरुपयोग का है। अब देखना है कि जिलाधिकारी इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।



