
इटावा जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में गौशालाओं एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में गौशालाओं एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की गौशालाओं में हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि जहां भी चारागाह एवं ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध है, वहां बड़े स्तर पर नेपियर घास उगाई जाए। उन्होंने कहा कि नेपियर घास अत्यंत पौष्टिक हरा चारा है, जिसकी जड़ों को सुरक्षित रखा जाए तथा इसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें इस घास का उत्पादन कर स्थानीय स्तर पर पशुपालकों एवं गौशालाओं को उपलब्ध करा सकती हैं।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेपियर घास की मांग बढ़ाई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि इतनी दूर और मेहनत से जड़ें मंगवाई गई है ये नष्ट न होने पाए। उन्होंने कहा कि यदि अभी से गंभीरता के साथ कार्य किया जाए तो आगामी 3-4 महीनों में पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध हो सकेगा। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि गोवंशों के पास पर्याप्त चारे की व्यवस्था होने पर वे खेतों की ओर नहीं जाएंगे, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने गौशालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गौशालाओं में उपलब्ध संसाधनों से जैविक कीटनाशक एवं अन्य उपयोगी उत्पाद आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। इसके लिए गौशालाओं के केयरटेकर एवं अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपने प्रमुख मिशनों में शामिल किया है और भारत सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गौशालाओं से इसकी मांग एवं संभावना अधिक है, वहां आवश्यक सिविल कार्य कराकर यह गतिविधियां शीघ्र प्रारंभ कराई जाएं।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जनपद की चार गौशालाओं में इस कार्य की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ें।
उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चंद्र, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह समस्त खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।



