“हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप” जैसे प्रकल्पों पर कठोर कार्रवाई की मांग
पुणे, विशाल समाचार
कर्जत स्थित ‘सुकून एम्पायर’ नामक “हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप” प्रकल्प को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रकल्प को केवल मुस्लिम परिवारों के लिए प्रचारित किया जा रहा है, जिसमें नमाज की जगह, सामुदायिक बैठकों की सुविधा और “हलाल वातावरण” जैसी विशेषताओं का उल्लेख है। प्रचार वीडियो में हिजाबधारी महिला को दिखाया गया है। इस संदर्भ में पुणे स्थित नागरिक सोशल फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर ‘सुकून एम्पायर’ और ऐसे अन्य प्रकल्पों पर कठोर कार्रवाई व प्रतिबंधात्मक कदम उठाने की मांग की है।
नागरिक सोशल फाउंडेशन की ओर से प्रीतम थोरवे द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि यह प्रकल्प संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध), अनुच्छेद 19(1)(e) (भारत में कहीं भी निवास और स्थायिक होने का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन और सम्मान का अधिकार) तथा अनुच्छेद 25-28 (धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है। पत्र में उल्लेख किया गया कि यदि राज्य सरकार धार्मिक आधार पर टाउनशिप को मान्यता देती है तो यह पक्षपाती कदम होगा और धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन माना जाएगा।
फाउंडेशन ने कहा कि ‘सुकून एम्पायर’ जैसे प्रकल्प धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ हैं और समाज की एकता को खतरा पहुंचा सकते हैं। राज्य एवं केंद्र सरकार को इस प्रकार के प्रकल्पों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा भविष्य में ऐसे प्रकल्प देश की एकात्मता और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर सकते हैं।
इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने इस प्रकल्प को “राष्ट्र के भीतर राष्ट्र” करार दिया है। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) से यह स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि धर्म के आधार पर इस प्रकल्प को कैसे मंजूरी दी गई।
नागरिक सोशल फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ‘सुकून एम्पायर’ और इस प्रकार के अन्य सभी प्रकल्पों पर कठोर कार्रवाई कर धर्मनिरपेक्षता की रक्षा सुनिश्चित की जाए।


