पूणे

अली दारूवाला को पहला ‘दारा शिकोह राष्ट्रीय पुरस्कार’ दिल्ली में प्रदान

अली दारूवाला को पहला ‘दारा शिकोह राष्ट्रीय पुरस्कार’ दिल्ली में प्रदान

दारा शिकोह का बलिदान दिवस हर वर्ष 30 अगस्त को मनाया जाएगा – राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

 

पुणे, विशाल समाचार:9822794568

मुगल सम्राट शाहजहाँ के ज्येष्ठ पुत्र दारा शिकोह, जिन्हें मुस्लिम सनातनी होते हुए भी हिंदुत्व की ओर आकर्षित माना जाता है, का बलिदान दिवस अब प्रतिवर्ष 30 अगस्त को मनाया जाएगा। यह घोषणा बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह के दौरान की।

इस अवसर पर पुणे निवासी अली दारूवाला को उनके सामाजिक व सांस्कृतिक योगदान हेतु पहला दारा शिकोह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। श्री दारूवाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित होकर राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्वसन आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं तथा मुस्लिम कट्टरपंथ और आतंकवाद के विरुद्ध लगातार आवाज उठाते रहे हैं। वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं।

पुरस्कार समारोह का आयोजन संविधान क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में किया गया, जिसमें संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुनील देवधर, पुणे के चाणक्य समूह के संस्थापक अविनाश धर्माधिकारी सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अली दारूवाला ने कहा कि —

“दारा शिकोह ने वेदांत, रामायण, महाभारत और अनेक प्राचीन संस्कृत ग्रंथों का पर्शियन व अरबी भाषाओं में अनुवाद किया। उनका मानना था कि भारत पर शासन करना है तो उसकी संस्कृति और सभ्यता को आत्मसात करना होगा। इसी सोच से भयभीत होकर औरंगजेब ने दारा शिकोह की हत्या करवा दी और शाहजहाँ को कैद कर दिया।”

 

श्री दारूवाला ने आगे कहा कि दारा शिकोह को पहला सनातनी हिंदुत्वप्रेमी मुस्लिम कहना अनुचित नहीं होगा। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में सांस्कृतिक समन्वय और धार्मिक सहिष्णुता की मिसाल है।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आह्वान किया कि 30 अगस्त को दारा शिकोह का बलिदान दिवस पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button