
औरैया में विवादित क्राइम वेब सीरीज़ ‘जुर्म की सच्ची दास्तान’ की शूटिंग — मथुरा-ब्रंदावन के मंदिरों का अनुकरण, जिलाधिकारी और प्रशासन पर सख्त सवाल
औरैया। विशाल समाचार
चंबल क्षेत्र की कुख्यात अपराध घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज़ ‘जुर्म की सच्ची दास्तान’ की शूटिंग इन दिनों औरैया के देवकली मंदिर, खानपुर और अंबेडकर पार्क सहित जिले के प्रमुख लोकेशनों में जारी है।
शूटिंग में पुराने डकैत गैंग की घटनाओं को हथियारबंद दृश्यों के माध्यम से दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही जिले की टूटी-फूटी सड़कें और अव्यवस्था भी कैमरे में कैद की जा रही है।
लेकिन इस शूटिंग ने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों के बीच आक्रोश भड़का दिया है। मथुरा और ब्रंदावन के मंदिरों का अनुकरण कर उन्हें औरैया में दिखाना कई लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील लगा है।
लोगों की आपत्ति:“हमारे मंदिर और धार्मिक स्थलों को इस तरह अपराध और हथियारबंद दृश्यों में दिखाना अस्वीकार्य है।”
“सड़कें टूटी हुई हैं और सुरक्षा की चिंता है, ऊपर से इस तरह की शूटिंग हमारी परेशानी और बढ़ा रही है।”
युवाओं का सवाल: “क्या ऐसे दृश्य हमें अपराध और हिंसा को स्वीकार्य बनाने का संदेश दे रहे हैं?”
विशेषज्ञों की चिंता:विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अपराधियों को हीरो की तरह दिखाया गया या हथियारों का ग्लैमराइजेशन किया गया तो युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा। (विडियो में साफ दिखाई दे रहा कुछ डैकेत लड़की को पकड़कर दबाये हुए नजर आ रहे हैं?),वहीं वास्तविक मंदिरों का अनुकरण कर पेश करना दर्शकों को भ्रमित कर सकता है और धार्मिक आस्थाओं पर चोट पहुँचा सकता है।
प्रशासन पर सवाल
क्या जिलाधिकारी और उच्च अधिकारी इस शूटिंग से पूरी तरह अवगत थे?
अनुमति किस आधार पर दी गई?
क्या स्क्रिप्ट और विषय-वस्तु की समीक्षा हुई?
क्या मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों की सहमति ली गई?
शूटिंग में सुरक्षा और संवेदनशीलता के नियमों का पालन हो रहा है?
क्या यह उचित है कि मथुरा-ब्रंदावन के मंदिरों को औरैया में दिखाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई जाए?
धर्मगुरु और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
कई धर्मगुरुओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि पवित्र मंदिरों का स्थानीय स्थानों पर अनुकरण कर दिखाना आस्था का मजाक है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
विशाल समाचार की अपील
विशाल समाचार प्रशासन से सख्त मांग करता है कि:
1. शूटिंग को तत्काल रोका जाए।
2. अनुमति प्रक्रिया और स्क्रिप्ट की पारदर्शी जांच हो।
3. जिलाधिकारी और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जाए।
4. स्थानीय जनता और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
5. भविष्य में किसी भी शूटिंग में धार्मिक संवेदनशीलता, सांस्कृतिक सम्मान और युवाओं पर प्रभाव को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाए।
विशाल समाचार जनता की आवाज़ के साथ खड़ा है और प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील करता है।



