
सीओईपी तकनीकी विश्वविद्यालय में नवनिर्मित इमारतों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा – नवाचार व अनुसंधान हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता देना समय की आवश्यकता
पुणे(मोहन सिंह तोमर) : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश की उच्च व तकनीकी शिक्षण संस्थाओं को नवाचार और अनुसंधान के लिए स्वायत्तता देना समय की आवश्यकता है। इससे सक्षम मानव संसाधन का निर्माण होगा और भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
वे शनिवार को सीओईपी तकनीकी विश्वविद्यालय, पुणे में ग्रंथालय और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग की नवनिर्मित इमारत के उद्घाटन तथा अभियांत्रिकी दिवस पर आयोजित ‘सीओईपी अभिमान पुरस्कार’ समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, कुलगुरु डॉ. सुनील भरुड, कुलसचिव डॉ. दयाराम सोनवणे, माजी संचालक शैलेश सहस्त्रबुद्धे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीओईपी जैसी संस्थाओं को स्वायत्तता मिलने से वे वैश्विक स्तर पर सहयोगी अनुसंधान और तकनीकी आदान–प्रदान कर सकेंगी। चिखली में विश्वविद्यालय विस्तार हेतु 28 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है और सरकार स्तर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीओईपी का 172 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है और 2028 में यह संस्था 175 वर्ष पूरे करेगी, जो देश की शिक्षा यात्रा में एक मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कम्प्यूटिंग से नए अवसर पैदा हो रहे हैं। हॅकेथॉन जैसे कार्यक्रम नवाचार की झलक देते हैं। पुणे कृषि हॅकेथॉन में बदलते मौसम से उत्पन्न नई बीमारियों पर एआई आधारित मॉडल विकसित होना एक आशादायक उदाहरण है।
उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान, पेटेंट और रॉयल्टी पर विशेष ध्यान दिया गया है। सीओईपी जैसी संस्थाओं का सशक्तिकरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण है।
जीवन गौरव और सीओईपी अभिमान पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों जीवन गौरव पुरस्कार ए.आर.डी.ई. की पूर्व वैज्ञानिक श्रीमती वसंथा रामास्वामी को प्रदान किया गया।
इसके अलावा सीओईपी अभिमान पुरस्कार से पुणे के उद्योगपति विलास जावडेकर, डॉ. महांतश हिरेमठ, इंजीनियर जयंत इनामदार, उमेश वाघ, तुषार मेहेंदळे और श्रवण हार्डीकर को सम्मानित किया गया।
ग्रंथालय और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग की नवनिर्मित इमारत
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में आधुनिक केंद्रीय ग्रंथालय और अत्याधुनिक कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग का उद्घाटन किया।
नया ग्रंथालय 4,000 से अधिक छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताएँ पूरी करेगा, जिसमें दुर्लभ संदर्भ ग्रंथों का संग्रह, डिजिटल साधन और सहयोगी अनुसंधान की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं व अधोसंरचना से लैस है, जो भविष्य में नवाचार और उभरती तकनीकों का केंद्र बनेगा।



