संपादकीय

विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग पर उठे सवालों का असर

विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग पर उठे सवालों का असर

शिक्षा विभाग ने NAAC मूल्यांकन और प्रशासनिक ऑडिट के आदेश दिए

पुणे | विशाल समाचार

दिनांक 3 जुलाई 2025 को विशाल समाचार में प्रकाशित विशेष रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग में पिछड़ने के गंभीर कारण उजागर किए गए थे।

और NAAC मूल्यांकन न होने के बावजूद कुछ विश्वविद्यालयों का रैंकिंग में समावेश किया गया।

इन कारणों से छात्रों और अभिभावकों में भारी असंतोष फैल गया था।

इसी मुद्दे पर विशाल समाचार द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट की उच्च एवं तंत्र शिक्षा विभाग ने गंभीर दखल ली है। विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को शीघ्रातिशीघ्र NAAC मूल्यांकन पूर्ण करने और प्रशासनिक कार्यकाज में ऑडिट व सुधार समितियाँ गठित करने के आदेश जारी किए हैं।

इन निर्देशों के बाद कुछ विश्वविद्यालयों ने अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों, शोध संस्थानों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को त्वरित रूप से NAAC मूल्यांकन करने के आदेश दिए हैं। यह पहल स्वागतयोग्य मानी जा रही है।

हालाँकि, जिन विश्वविद्यालयों का स्वयं का NAAC मूल्यांकन लंबित है, उनके सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे विश्वविद्यालय अपने अधीनस्थ संस्थानों को दिशा-निर्देश जारी करने में असमर्थ हैं। यदि इनका प्रशासनिक ऑडिट हुआ तो अनेक अनियमितताओं के उजागर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाना अनिवार्य है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button