
पुणे में ‘हिंदू महिला सभा’ के अमृत महोत्सवी नवरात्रोत्सव का भव्य प्रारंभ, ज्येष्ठ कवि अशोक नायगांवकर ने नवपीढ़ी तक मराठीपन पहुंचाने का किया आह्वान
पुणे: ‘मराठी की ताकत करोड़ों में है। दुनिया भर में फैले मराठी समुदाय अपने उत्सव और परंपराओं को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाता है। इस मराठीपन को नई पीढ़ी तक ले जाना अत्यंत आवश्यक है।’ यह आवाहन ज्येष्ठ कवि अशोक नायगांवकर ने किया। इसके बाद उन्होंने अपनी पारंपरिक मिष्किल शैली में हास्य और व्यंग्य से भरपूर कविताओं की रंगीन प्रस्तुति दी, जिसने सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
यह अवसर आया ‘हिंदू महिला सभा’ द्वारा आयोजित अमृत महोत्सवी नवरात्रोत्सव के प्रारंभ का। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से किया गया, जिसकी कमान उपाध्यक्ष संध्या भिडे के हाथों रही। मंच पर उपस्थित थे संस्थाध्यक्ष सुप्रिया दामले, उपाध्यक्ष संध्या भिडे, वरिष्ठ सदस्य मेधा महाजन, प्रसिद्ध इतिहासकार मंदार लवाटे और कवि अशोक नायगांवकर। नवरात्रोत्सव के अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर विशेष स्मरणिका भी मान्यवरों की उपस्थिति में प्रकाशित की गई।
अशोक नायगांवकर ने अपने संबोधन में कहा, “संस्थागत कार्यों के लिए महाराष्ट्र पूरे देश में जाना जाता है। गणेशोत्सव, नवरात्रोत्सव, दिवाली जैसे अनेक मराठी उत्सव विश्वभर में फैले मराठी समुदाय द्वारा मनाए जाते हैं। अब आवश्यकता है कि मराठीपन, मराठी संस्कृति और संस्कारों की यह धरोहर नई पीढ़ी तक पहुँचाई जाए। इस उद्देश्य को ऐसे आयोजन पूरी तरह से सहायक साबित हो सकते हैं।”
सुप्रिया दामले ने अपने प्रास्ताविक में संस्था के कार्य और नवरात्रोत्सव की जानकारी दी। स्मरणिका में योगदान देने वाले लेखक मंदार लवाटे सहित अन्य लेखक मान्यवरों द्वारा सम्मानित किए गए।
कार्यक्रम के उत्तरार्ध में अशोक नायगांवकर ने हल्के-फुल्के व्यंग्यपूर्ण कविताओं का सादरीकरण किया। पुरुषप्रधान समाज की मानसिकता को उन्होंने अपने व्यंग्य और हास्यपूर्ण कविताओं के माध्यम से बड़े ही रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। कविताओं में घर, जीवन और मराठी संस्कृति के विविध पहलुओं को हास्य एवं उपरोधिक शैली में उजागर किया गया। वंदना जोगळेकर ने समारोह का सूत्रसंचालन किया।
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