
सिंजेन्टा ने पुणे में आयोजित डेवकॉन 2025 में भारतीय कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए एआई की नई उपलब्धियों का प्रदर्शन किया
पुणे: सिंजेन्टा ने पुणे में और साथ ही वैश्विक मंचों पर आयोजित अपने प्रमुख डेवलपर सम्मेलन, डेवकॉन 2025 में अत्याधुनिक एआई-संचालित समाधानों की एक श्रृंखला की घोषणा की. 200 से अधिक डेवलपर्स, इंजीनियरों और टेक्नोलॉजी लीडर्स की उपस्थिति में, इस कार्यक्रम ने टिकाऊ खेती के भविष्य को आकार देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाने के सिंजेन्टा के दृष्टिकोण को रेखांकित किया.
सिंजेन्टा की एआई पहल उपग्रह इमेजरी विश्लेषण, फसल रोगों और कीट प्रबंधन के लिए पूर्वानुमानात्मक मॉडलिंग, और जल उपयोग को अनुकूलित करने वाली बुद्धिमान सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से सटीक कृषि पर केंद्रित है. इन नवाचारों को भारतीय संदर्भ के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जहाँ कृषि विविध क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रही है.
भारत में, सिंजेन्टा छोटे किसानों के लिए कृषि संबंधी ज्ञान को सुलभ बनाने हेतु क्षेत्रीय भाषाओं में एआई-संचालित सलाहकार प्लेटफ़ॉर्म तैनात कर रहा है. कीट पहचान, फसल स्वास्थ्य पूर्वानुमान और जलवायु-अनुकूल सलाह में स्थानीयकृत समाधान व्यक्तिगत सुझाव देने के लिए डिज़ाइन किए जा रहे हैं. एआई-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला उपकरण कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों की बाज़ार पहुँच को बेहतर बनाने में भी मदद कर रहे हैं.
सिंजेन्टा के चीफ इन्फॉर्मेशन एवं डिजिटल ऑफिसर , फ़िरोज़ शेख ने कहा, “एआई सबसे अधिक प्रभावशाली तब होता है जब यह लोगों को सशक्त बनाता है और एक उच्च उद्देश्य की पूर्ति करता है. सिंजेन्टा में, हम वैश्विक नवाचारों को अपना रहे हैं और उन्हें भारतीय किसानों के सामने आने वाली स्थानीय चुनौतियों—क्लाइमेट रेज़ीलियन्स से लेकर कटाई के बाद होने वाले नुकसान तक—को हल करने के लिए अनुकूलित कर रहे हैं. हमारी टीमें केवल कोड नहीं लिख रही हैं; वे ऐसे समाधान तैयार कर रही हैं जो किसानों को दुनिया को अधिक स्थायी रूप से खाद्य उपलब्ध कराने में मदद करें”
“एल्गोरिदम से प्रभाव तक: जब एआई मानवीय उद्देश्य से मिलता है” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में विक्रांत लाबडे (ट्यूरिंटन एआई), मिशेल परेरा (माइक्रोसॉफ्ट) और ब्रूनो वॉन (एडब्ल्यूएस) सहित तकनीकी जगत के प्रमुख लोग एक साथ आए. चर्चाएँ एआई के ज़िम्मेदारीपूर्ण अपनाने और कृषि में परिवर्तनकारी मूल्य को उजागर करने की इसकी क्षमता पर केंद्रित रहीं.



