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पीडीए की एकता तोड़ना चाहती है बीजेपी: अखिलेश

पीडीए की एकता तोड़ना चाहती है बीजेपी: अखिलेश

अजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि जाति का हमारे समाज से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़े वर्गों को जाति के आधार पर ही आरक्षण मिला है और मंडल कमीशन की प्रस्तावना में यह बात दर्ज है कि पिछड़े लोग जाति के आधार पर ही पहचाने जाते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों की एकजुटता से घबराई हुई है। जब से समाजवादी पार्टी ने अलग-अलग विभागों में पीडीए की हिस्सेदारी और तैनाती के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, तबसे भारतीय जनता पार्टी विचलित है और वह समाज के लोगों को अपमानित करने का रास्ता चुन रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे मुद्दे गढ़ रही है जिससे पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के बीच पैदा हुई एकता को कमजोर किया जा सके।

 

योगी सरकार द्वारा हाल ही में जारी उस आदेश पर सवाल खड़े करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब प्रदेश में एफआईआर, अरेस्ट वारंट या किसी भी सरकारी दस्तावेज पर जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि जब हरिजन एक्ट ही जाति के आधार पर बना है तो जाति की पहचान को मिटाने की कोशिश क्यों की जा रही है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए पूछा कि जब प्रदेश में ऐसे मामले हुए हैं जिनमें लोगों ने गंगाजल से मकान धुलवाया या मंदिरों को जातिगत भेदभाव के कारण साफ कराया गया, तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि मैं खुद एक मंदिर गया था जहां मंदिर के पुजारी ने रोकने की कोशिश की, लेकिन भाजपा के ही लोगों ने उस जगह को धुलवाया। भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। अखिलेश ने दोहराया कि इस समय समाजवादी पार्टी ही है जिस पर पीडीए समाज का भरोसा कायम हो रहा है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार के मामलों में कठघरे में खड़ा करते हुए तीखे अंदाज में कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज खुद सत्तारूढ़ दल के विधायक मंच से बोल रहे हैं कि काम के बदले दस प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। विधायक इस बात को सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार इस पर ध्यान नहीं देती। इसके बजाय भाजपा हमें क्रीम, पाउडर और शैंपू जैसे मुद्दों में उलझाने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि हम भी बाजार जाएंगे और देखेंगे कि आखिर कौन लोग ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार उन लोगों से बात कर रही है और उन्हें बढ़ावा दे रही है, जो ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि आम जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

इस मौके पर अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे नए नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने खासकर सुधीर चौहान, पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह, विद्यासागर और बसपा से आए लालजी भारती का जिक्र किया और कहा कि इन नेताओं का पार्टी में आना समाजवादी पार्टी को मजबूती देगा। अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि सामाजिक न्याय और बराबरी की लड़ाई को और अधिक बल देने के लिए ऐसे नेताओं का साथ आना बेहद जरूरी है।

 

अखिलेश यादव ने लगातार भाजपा पर हमले जारी रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार लोगों को उलझाने का काम कर रही है ताकि जनता मुख्य मुद्दों पर सवाल न पूछ सके। उन्होंने कहा कि भाजपा तबसे घबराई हुई है जबसे समाजवादी पार्टी ने विभिन्न विभागों में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों की वास्तविक हिस्सेदारी का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पीडीए की हिस्सेदारी नाम मात्र की है, और इन्हें उनके अधिकार से दूर रखने के लिए भाजपा तमाम चालें चल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चाहे कितना भी भ्रम फैलाने की कोशिश कर ले लेकिन सच यह है कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक अब समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

 

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय की राजनीति करती रही है और यही रास्ता आगे का भविष्य तय करेगा। जाति को खत्म करने की बजाय अगर समाज को समान अधिकार देने की दिशा में कदम उठाए जाते तो बेहतर होता, लेकिन भाजपा इसके उलट काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था को नकारने से पिछड़ों का हक छिन जाएगा। उन्होंने दोहराया कि मंडल कमीशन के आधार पर ही आरक्षण प्रणाली चली और इसी कारण पिछड़ी जातियों को समान अवसर मिल पाए। अगर जातिगत पहचान और दर्जे से इनकार किया गया तो यह समाज के बड़े वर्ग के हितों का हनन होगा।

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती दी कि वह बताए कि अब तक भ्रष्टाचार के मामलों में क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल नारेबाजी करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि उसके शासनकाल में जनप्रतिनिधि तक मंच से मान रहे हैं कि सरकारी व्यवस्था कमीशनखोरी से चल रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद के हक की बात करने के बजाय भाजपा जनता को झूठे मुद्दों में भटकाने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने साफ हो चुका है और अब जनता इसे बखूबी समझ रही है।

 

लखनऊ में आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव के तेवर साफ दिखे। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला बोला और कहा कि पार्टी पीडीए की एकता से डर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का ध्यान जनता की समस्याओं और युवाओं के भविष्य को सुधारने पर नहीं है बल्कि वह साजिश करके असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समाजवादी पार्टी ही है जिस पर पीडीए समाज का भरोसा है और इस भरोसे को मजबूत करने की दिशा में पार्टी लगातार कार्य कर रही है।

 

इस बयान और आयोजन का नतीजा यह रहा कि अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाजवादी पार्टी भाजपा को हर मोर्चे पर चुनौती देती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां जनता के खिलाफ हैं और आने वाले समय में समाजवादी पार्टी ही जनता की सच्ची आवाज बनेगी। अखिलेश यादव ने दावा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी एकमात्र ऐसा विकल्प है जो भाजपा के भ्रष्टाचार, नफरत और भटकाने वाली राजनीति का जवाब दे सकती है।

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