
६ व ७ अक्टूबर को पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर संगीत महोत्सव का आयोजन
गांधर्व महाविद्यालय के शतकोत्तर रजत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम
पुणे, : १९०१ में स्थापित अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल इस वर्ष अपना शतकोत्तर रजत महोत्सवी वर्ष (१२५वां वर्ष) मना रहा है। इस अवसर पर अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल, मुंबई तथा डेक्कन एजुकेशन सोसायटी सांस्कृतिक समिति, पुणे के संयुक्त विद्यमान से आगामी सोमवार ६ अक्टूबर और मंगलवार ७ अक्टूबर को “पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर संगीत महोत्सव” का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम का आयोजन टिळक रोड स्थित न्यू इंग्लिश स्कूल, गणेश सभागृह में प्रतिदिन सायं ५ बजे से रात ९ बजे तक होगा। महोत्सव में प्रवेश सर्वसामान्य के लिए निःशुल्क रहेगा और “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। कुछ आसन केवल निमंत्रित अतिथियों के लिए आरक्षित रहेंगे।
अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल के अध्यक्ष प्रा. बालासाहेब सूर्यवंशी ने जानकारी देते हुए कहा कि “पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर भारतीय संगीत जगत के क्रांतिकारी व्यक्तित्व थे। उन्होंने ५ मई १९०१ को लाहौर में गांधर्व महाविद्यालय मंडल की स्थापना की थी, जिससे संगीत शिक्षा को नियमित पाठ्यक्रम और विधिवत कक्षाओं के माध्यम से संस्थागत रूप मिला। संस्था आज भी शास्त्रीय संगीत की परंपरा को आगे बढ़ा रही है और इस वर्ष शतकोत्तर रजत महोत्सव के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।”
महोत्सव कार्यक्रम विवरण:
६ अक्टूबर शाम ५ बजे महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन
गांधर्व महाविद्यालय के विद्यार्थियों का सामूहिक सादरीकरण
पुणे की गायिका गायत्री गोखले का गायन
धारवाड़ के प्रसिद्ध सतारवादक मोहसिन खान का सतारवादन विदुषी पद्मा तळवलकर की शिष्या यशस्वी सरपोतदार के गायन से प्रथम दिवस का समापन
७ अक्टूबर गांधर्व महाविद्यालय के विद्यार्थियों का सामूहिक सादरीकरण पुणे के सुप्रसिद्ध संतूरवादक निनाद दैठणकर (पं. धनंजय दैठणकर के पुत्र व शिष्य) का संतूरवादन
डॉ. वीणा सहस्त्रबुद्धे के शिष्य अतुल खांडेकर का गायन मुंबई के तबलावादक यशवंत वैष्णव (पं. योगेश समसी के शिष्य) के तबलावादन से महोत्सव का समापन
दोनों दिन कलाकारों को संगत देने हेतु संवादिनी पर लीलाधर चक्रदेव, निलय साळवी, अदिति गराडे तथा तबला संगत पर पांडुरंग पवार, किशोर कोरडे, तेजस माजगांवकर, हेमंत जोशी और पुष्कर महाजन सहभागी होंगे।
अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल के सचिव पं. सुधाकर चव्हाण ने बताया कि यह आयोजन शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।


