
जिलास्तरीय रोजगार मेले में 771 अभ्यर्थियों को नियुक्ति — उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने दी शुभकामनाएं
पुणे, (सोहन सिंह)पुणे जिले की प्रगतिशील, सुसंस्कृत और कार्यकुशल पहचान को आगे बढ़ाते हुए आज आयोजित जिलास्तरीय रोजगार मेले में कुल 771 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के पालक मंत्री अजित पवार ने नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “पुणे विभाग और जिले की प्रशासनिक परंपरा, निष्ठा और ईमानदारी का वारसा आगे बढ़ाना ही सच्ची सेवा भावना है।”
जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित इस मेले में अनुकंपा नियुक्ति के तहत समूह ‘क’ और ‘ड’ वर्ग में तथा महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से लिपिक-टंकलेखक पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उपमुख्यमंत्री श्री पवार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर नगरविकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ, विधायक भीमराव तापकीर, बापूसाहेब पठारे, विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, प्रभारी जिलाधिकारी गजानन पाटील, पुणे शहर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय पाटील, पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय के अतिरिक्त आयुक्त सारंग आव्हाड, पुणे ग्रामीण अधीक्षक संदीप सिंह गिल्ल, अपर जिलाधिकारी सुहास मापारी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे, निवासी उपजिलाधिकारी ज्योति कदम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि यह दिन सभी नियुक्त अभ्यर्थियों के जीवन का “स्वप्नपूर्ति का क्षण” है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में कुल 10,309 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं, जिनमें से पुणे विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत 1,014 और महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग द्वारा चयनित 660 अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया है।
उन्होंने अनुकंपा नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह अवसर केवल रोजगार का नहीं बल्कि परिवार को पुनः संबल देने का है। जिन जिम्मेदार व्यक्तियों के निधन से परिवार कठिनाई में आया, उनकी अधूरी जिम्मेदारियों को आप सबको पूरा करना है। आप अब अपने परिवार के लिए आशा और शक्ति का नया आधार हैं।”
श्री पवार ने लिपिक टंकलेखक पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि वे शासन व्यवस्था के “केंद्रीय स्तंभ” हैं। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति, नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना और सेवा भावना बनाए रखना आप सबकी जिम्मेदारी है। ईमानदारी, मेहनत और सचोटी से कभी समझौता न करें।”
राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रशासन को गतिशील और पारदर्शी बनाने के लिए भर्ती प्रक्रिया को सरल किया है। अनुकंपा भर्ती की 20 प्रतिशत सीमा समाप्त कर जिलाधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं तथा लिपिक-टंकलेखक भर्ती अब महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही है।
विभागीय आयुक्त डॉ. पुलकुंडवार ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से लगभग 50 हजार परिवारों के जीवन में परिवर्तन आने की शुरुआत हुई है। उन्होंने अभ्यर्थियों से ईमानदारी, पर्यावरण संरक्षण एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी गजानन पाटील ने बताया कि 1975 से अब तक के सभी शासन निर्णयों को एकीकृत कर नई सरल नीति लागू की गई है, जिससे अनुकंपा भर्ती प्रक्रिया में तेजी आई है।
कार्यक्रम में प्रातिनिधिक रूप से 22 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर कुल 771 अभ्यर्थियों को 65 संस्थानों में नियुक्त किया गया, जिनमें —
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से 372 अभ्यर्थी (41 संस्थानों में)अनुकंपा नियुक्ति (समूह क) में 155 अभ्यर्थी (29 संस्थानों में)अनुकंपा नियुक्ति (समूह ड) में 244 अभ्यर्थी (27 संस्थानों में) शामिल रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी कार्यालय के प्रांगण, चौथे-पाँचवें तल के सभागारों और बैठक कक्षों में नियुक्ति प्रक्रिया की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी।



