
महाराष्ट्र में नगराध्यक्ष पदों का आरक्षण घोषित, महिलाओं और पिछड़े वर्ग को मिलेगी समान भागीदारी
247 नगरपरिषद और 147 नगर पंचायतों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और खुला वर्ग के पदों का पारदर्शी आरक्षण
मुंबई,: महाराष्ट्र सरकार ने नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ की अध्यक्षता में राज्य की 247 नगरपरिषद और 147 नगर पंचायतों के नगराध्यक्ष पदों का आरक्षण घोषित किया। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. के. एच. गोविंदराज, उपसचिव प्रियांका कुलकर्णी, विद्या हम्पय्या, अनिरुद्ध जेवळीकर और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नगरपरिषदों का आरक्षण:
अनुसूचित जाति: 33 पद (महिलाओं के लिए 17)
अनुसूचित जनजाति: 11 पद (महिलाओं के लिए 6)
पिछड़ा वर्ग: 67 पद (महिलाओं के लिए 34)
खुला वर्ग: 136 पद (महिलाओं के लिए 68)
नगर पंचायतों का आरक्षण:
अनुसूचित जाति: 18 पद (महिलाओं के लिए 9)
अनुसूचित जनजाति: 13 पद (महिलाओं के लिए 7)
पिछड़ा वर्ग: 40 पद (महिलाओं के लिए 20)
खुला वर्ग: 76 पद (महिलाओं के लिए 38)
राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ ने बताया कि यह आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने महिला उम्मीदवारों और सभी भाग लेने वाले प्रत्याशियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि इससे स्थानीय प्रशासन में समावेशिता और विविधता सुनिश्चित होगी।
इस आरक्षण से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, जिससे स्थानीय विकास योजनाओं में उनकी भागीदारी भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में विविध दृष्टिकोण और सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित होगा।
आरक्षण की यह पहल राज्य में लोकतांत्रिक समावेशिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को अधिक जवाबदेह और लोगों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



