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सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 ने ग्रैंड फिनाले के लिए 20 फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की, ग्रामीण और टियर 2/3 शहरों के युवाओं को अपने आइडियाज़ राष्ट्रीय मंच पर लाने का मौका मिला

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 ने ग्रैंड फिनाले के लिए 20 फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की, ग्रामीण और टियर 2/3 शहरों के युवाओं को अपने आइडियाज़ राष्ट्रीय मंच पर लाने का मौका मिला

गुरुग्राम, भारत: सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, ने आज अपनी अखिल-भारतीय इनोवेशन प्रतियोगिता सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 के चौथे संस्करण की शीर्ष 20 फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की।

फाइनलिस्टों में ग्रामीण भारत, टियर 2 और टियर 3 शहरों के 12 राज्यों के प्रतिभाशाली युवा शामिल हैं, जो इस कार्यक्रम के उस दृष्टिकोण को दर्शाते हैं जिसमें युवा चेंजमेकर्स को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अपने समुदायों की विभिन्न समस्याओं को तकनीक के माध्यम से हल करें। इस साल, एक 14 वर्षीय प्रतिभागी फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया, एक पूरी तरह से लड़कियों की टीम फाइनल राउंड में पहुंची, और पूर्वोत्तर भारत से दो टीमें शीर्ष 20 में शामिल हुईं।

ये टीमें नए आविष्कारों पर काम कर रही हैं, जैसे कि एआई आधारित समाधान जो दृष्टिबाधित लोगों को अकेले शतरंज खेलने में मदद करता है, ड्रोन जो प्रदूषण का डेटा इकट्ठा करते हैं और वॉक्सेल मैप बनाते हैं। साथ ही, इनमें एआई निगरानी प्रणाली वाले ड्रोन भी शामिल हैं जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर घुसपैठ और सुरक्षा समस्याओं की चेतावनी देते हैं।

चयनित टीमों ने चार प्रमुख थीम्स के तहत अपने विचार प्रस्तुत किए:

सुरक्षित, स्मार्ट और समावेशी भारत के लिए एआई

भारत में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण का भविष्य

तकनीक के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता

खेल और तकनीक के माध्यम से सामाजिक बदलाव: शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए

एसपी चुन, कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया ने कहा, ‘‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो हर साल पहले से और बड़ा, नया और रचनात्मक होता जा रहा है। यह ग्रामीण और दूरदराज के भारत तक पहुंच रहा है और स्मार्ट भारत के लिए इनोवेशन को सबके लिए सुलभ बनाने के सैमसंग के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है। शीर्ष 20 फाइनलिस्ट दिखाते हैं कि तकनीक को जब सहानुभूति और सही उपयोग के साथ लागू किया जाता है, तो यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और समावेशी खेलों में जीवन बदल सकती है। हमने देखा है कि छात्र स्वास्थ्य की बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, साथ ही बुजुर्गों और विशेष जरूरतों वाले लोगों की मदद के लिए आईओटी और नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इस साल की प्रतियोगिता वाकई सभी को शामिल करने वाली बन गई है।’’

वर्ष 2025 एडिशन में भारत के हर कोने से आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें कछार (असम), बनगनपल्ली (आंध्र प्रदेश), बागपत (उत्तर प्रदेश), महबूबनगर (तेलंगाना) और सुंदरगढ़ (ओडिशा) जैसे क्षेत्रों से मजबूत प्रतिनिधित्व देखा गया।

शीर्ष 20 टीमें हाल ही में संपन्न सेमी-फाइनल चरण से सामने आईं, जिसमें 40 टीमों ने आईआईटी दिल्ली के अत्याधुनिक लैब में एक अनुभवात्मक, प्रैक्टिकल प्रोटोटाइपिंग कार्यक्रम में भाग लिया। यह चरण सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के पूर्व प्रतिभागियों के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें एक रेजिडेंशियल इनोवेशन बूटकैंप शामिल था। इसके बाद एक राष्ट्रीय पिच इवेंट हुआ, जहां सैमसंग की जूरी, जिसमें सैमसंग आरएंडडी और साउथवेस्ट एशिया के विशेषज्ञ शामिल थे, ने शीर्ष 20 फाइनलिस्ट टीमों (प्रत्येक थीम से पांच टीमें) का चयन किया।

अब, अगले स्तर पर आगे बढ़ते हुए, शीर्ष 20 टीमों को सैमसंग विशेषज्ञों, एफआईटीटी (FITT) और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसरों वन-ऑन-वन ऑनलाइन मेंटरिंग प्राप्त होगी।

फाइनलिस्ट कौन हैं?

सुरक्षित, स्मार्ट और समावेशी भारत के लिए एआई थीम के तहत, चक्रव्यूह, एरर 404, पैशनेट प्रॉब्लम सॉल्वर, परसेविया, और सिकारियो जैसी टीमें सुरक्षा और पहुंच को फिर से परिभाषित कर रही हैं। उनके समाधान में एआई-आईओटी निगरानी नेटवर्क, महिलाओं के लिए रीयल-टाइम सुरक्षा ऐप्स, पहनने योग्य नैविगेशन सहायक उपकरण और दृष्टिबाधित लोगों के लिए चेहरा पहचानने वाले उपकरण शामिल हैं।

 

भारत में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण का भविष्य श्रेणी में विचार उतने ही साहसिक और मानव-केंद्रित हैं। अल्केमिस्ट, बीआरएचएम, हीयर ब्राइट, पारास्पीक, और पिंक ब्रिगेडियर्स जैसी टीमें सिलिकोसिस के शुरुआती पता लगाने के लिए बिना चीरफाड़ करने वाले टूल्‍स, किफायती मल्टी-आर्टिकुलेटेड बायोनिक हाथ, एआई-संचालित स्‍चीप रिकग्निशन टूल्‍स, और महिलाओं के घरों में शुरुआती पता लगाने और जागरूकता लाने वाली प्रेडिक्टिव ब्रेस्ट हेल्थ एप्लिकेशन जैसे उत्पादों पर काम कर रही हैं।

तकनीक के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता थीम प्रभाव के दायरे को और विस्तार देती है। पृथ्वी रक्षक, ड्रॉप ऑफ होप, रिन्यूएबल डिसैलिनेशन, स्मालब्लू और वॉक्समैप्स जैसी टीमें सौर ऊर्जा से जल निष्कर्षण, स्वचालित वर्मीकम्पोस्टिंग, मॉड्यूलर डिसैलिनेशन, और एआई-संचालित कार्बन व प्रदूषण मैपिंग जैसे समाधान प्रस्तुत कर रही हैं।

 

खेल और तकनीक के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन: शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए थीम में फाइनलिस्ट परिवर्तन को तात्कालिक घटना के रूप में देखते हैं। नेक्स्ट प्ले एआई, शतरंज स्वयं क्रू, स्पोर्ट्स4ऑटिज्म, स्टेटसकोड200, यूनिटी जैसी टीमें ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए गेमिफाइड थेरेपी उपकरण, छिपी खेल प्रतिभाओं को खोजने के लिए मंच, और दृष्टिबाधित लोगों के लिए वॉयस-सक्षम शतरंज ऐप्स जैसे समाधान विकसित कर रही हैं।

शीर्ष 20 फाइनलिस्ट टीमों (प्रत्येक थीम से पांच) को कुल 20 लाख रुपये (प्रति टीम 1 लाख रुपये) का पुरस्कार मिलेगा, और सभी 37 प्रतिभागियों को नवीनतम सैमसंग गैलेक्सी जेड फ्लिप स्मार्टफोन उपहार में दिया जाएगा।

 

आगे क्या है?

अब यह यात्रा नई दिल्ली में 28 और 29 अक्टूबर, 2025 को होने वाले ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही है। इन दो एक्‍शन से भरपूर दिनों से पहले, शीर्ष 20 टीमों को FITT आईआईटी दिल्ली में प्रोटोटाइपिंग के लिए एक दिन मिलेगा। इसके बाद, दूसरे दिन ग्रैंड फिनाले पिच प्रेजेंटेशन होगा। तीसरे दिन, सभी 20 टीमों के लिए एक इन्वेस्टर मीट आयोजित होगी, जो इन प्रतिभागियों को उनकी उद्यमिता यात्रा के करीब लाएगी। अंत में, यह एडिशन 29 अक्टूबर को विजेता घोषणा और पुरस्कार समारोह के साथ समाप्त होगा।

 

 

 

ग्रैंड फिनाले में, चार विजेता टीमों (प्रत्येक थीम से एक) को आईआईटी दिल्ली में इनक्यूबेशन के लिए सैमसंग से 1 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, ता

कि वे अपने विचारों को बाजार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकें।

 

 

 

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