कलेक्टर के सख्त निर्देश: मरीजों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती
रीवा में एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर सील
सिरमौर चौक, अस्पताल व संजय गांधी अस्पताल क्षेत्र में मेडिकल दुकानों में की गई कार्रवाई एक्सपायरी दवाइयां और फार्मासिस्ट की गैर-हाजिरी बनी वजह
रीवा विशाल समाचार: मरीजों को सही दवाइयाँ मिलें और उनकी जान से कोई खिलवाड़ न हो, इस उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिले के मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले एक दर्जन से अधिक दवाई की दुकानों पर निरीक्षण दल ने कड़ा रुख अपनाया और कई मेडिकल स्टोर्स को सील कर दिया। यह कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की गई कि मेडिकल स्टोर्स पर केवल चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाइयाँ ही उपलब्ध हों और बिक्री के समय अनिवार्य रूप से फार्मासिस्ट मौजूद हो। विशेष रूप से, एक्सपायरी दवाइयों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
गत दिवस कलेक्टर के निर्देश पर गठित निरीक्षण दलों ने सिरमौर चौक, अस्पताल चौक और संजय गांधी अस्पताल के सामने संचालित मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर कई दुकानों को तत्काल सील कर दिया गया। निरीक्षण दल को शिवम मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और प्रोपराइटर अनुपस्थित मिले, क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं मिला। इसी प्रकार अमित मेडिकल स्टोर, अवध मेडिकल स्टोर, विशाल मेडिकल स्टोर में क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अद्यतन एवं संधारित नहीं थे। विशाल मेडिकल में फार्मासिस्ट भी अनुपस्थित पाया गया। अनंत मेडिकल स्टोर, ओम मेडिकल स्टोर, इंडियन फार्मेसी में प्रोपराइटर/फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति नहीं पाई गई। इंडियन फार्मेसी में लाइसेंस का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था। निरीक्षण दल के समक्ष श्री मेडिकल स्टोर, मुकेश मेडिकल स्टोर एवं एजेंसी, शिव मेडिकल द्वारा लाइसेंस की प्रति प्रस्तुत नहीं की गई, मुकेश मेडिकल स्टोर का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं था, और इन दुकानों पर एक्सपायरी दवाइयों का संग्रहण भी मिला, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
निरीक्षण दल को राम मेडिकल, अभिषेक मेडिकल और कमल मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की उपस्थिति तो मिली, लेकिन उनके रिकॉर्ड अद्यतन नहीं थे। इन तीनों को रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण दल में एसडीएम, नायब तहसीलदार और ड्रग इंस्पेक्टर उपस्थित रहे। सील की गई दुकानों के विरुद्ध अब अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दवाईयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड पूरी तरह से अपडेट रहे और फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य हो। यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा।


